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कैलाश खेर ने महाकालेश्वर मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में हुए शामिल

प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित पवित्र महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन किए और भस्म आरती में भी भाग लिया। मंदिर से सामने आए दृश्यों में कैलाश खेर महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मंदिर की दिव्य ऊर्जा का अनुभव किया।

कैलाश खेर ने अपनी आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा, "जब भी मैं यहां आता हूं, ऐसा लगता है जैसे स्वयं महादेव ने मुझे बुलाया हो। मुझे विश्वास है कि वे मुझे दुनिया भर में घूमते हुए देखते हैं और अंततः अपने पास बुला लेते हैं। इस स्थान में कुछ विशेष है। मैं भारतीय संस्कृति, परंपरा और सभ्यता को नमन करता हूं।"

इस अवसर पर उन्होंने एक विशेष भक्ति गीत भी समर्पित किया। साथ ही, मंदिर यात्रा का एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया।मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के सबसे प्रमुख और पूजनीय धामों में से एक है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें कई प्रसिद्ध हस्तियां और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग भी शामिल होते हैं।

महाकाल मंदिर की भस्म आरती सबसे महत्वपूर्ण और विशेष धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। यह आरती ब्रह्म मुहूर्त में सुबह लगभग 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच संपन्न होती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। आरती की शुरुआत मंदिर के कपाट खुलने के साथ होती है। इसके बाद भगवान महाकाल का पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और शहद) से अभिषेक किया जाता है। फिर भगवान का श्रृंगार भांग और चंदन से किया जाता है तथा भस्म आरती और धूप-दीप आरती संपन्न होती है। पूरे अनुष्ठान के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज, शंखनाद और भक्तिमय मंत्रोच्चार मंदिर परिसर को एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण से भर देते हैं।