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₹2.5 लाख करोड़ की बोली से चर्चा में Jio IPO, 21 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू? लिस्टिंग पर निवेशकों की नजर

रिलायंस समूह की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ (IPO) शेयर बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। कंपनी के बड़े ग्राहक आधार, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा डिजिटल सेवाओं में विस्तार की संभावनाओं ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग बताई गई है। हालांकि, आईपीओ से जुड़ी तारीखों, कीमत और निवेशकों की मांग के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है।

₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग का दावा

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उपलब्ध विवरण के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के एंकर निवेशक हिस्से के मुकाबले संस्थागत निवेशकों की मांग 30 गुना से अधिक बताई गई है। कुल मांग करीब ₹2.5 लाख करोड़ होने का दावा किया गया है। इसमें वैश्विक एसेट मैनेजर, सॉवरेन वेल्थ फंड, घरेलू म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों की दिलचस्पी शामिल बताई गई है।

हालांकि, एंकर निवेशकों की मांग को आम निवेशकों के लिए मिलने वाले रिटर्न का संकेत नहीं माना जा सकता। आईपीओ में निवेश का फैसला कंपनी के मूल्यांकन और वित्तीय स्थिति को समझने के बाद ही लेना चाहिए।

कितना बड़ा है जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO?

दिए गए विवरण के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ का आकार ₹30,213 करोड़ बताया गया है। इसका प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर बताया गया है। इश्यू 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलने और 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग का कार्यक्रम भी दिया गया है। इन विवरणों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

कंपनी की योजना आईपीओ से मिलने वाली करीब ₹27,500 करोड़ की राशि का इस्तेमाल अपनी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज के भुगतान के लिए करने की बताई गई है।

53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक, डिजिटल कारोबार पर फोकस

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 तक जियो के ग्राहकों की संख्या 53.33 करोड़ थी। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का परिचालन राजस्व करीब ₹1.47 लाख करोड़ और शुद्ध मुनाफा लगभग ₹30,049 करोड़ बताया गया है।

कंपनी के कारोबार में मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ 5G नेटवर्क, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी सेवाओं की अहम भूमिका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को भी भविष्य में कमाई बढ़ाने के संभावित अवसरों के तौर पर देखा जा रहा है।

ग्रे मार्केट में GMP करीब ₹252, लेकिन लिस्टिंग की गारंटी नहीं

19 अक्टूबर के बताए गए अनौपचारिक ग्रे मार्केट आंकड़ों के मुताबिक, जियो आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹251 से ₹252 था। ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर यह लगभग 22.4 से 22.5 प्रतिशत के संकेतात्मक प्रीमियम के बराबर बैठता है।

हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता। इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है और इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग इसी प्रीमियम पर होगी या निवेशकों को निश्चित मुनाफा मिलेगा।

निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में मजबूत स्थिति और डिजिटल कारोबार में विस्तार की संभावनाएं निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती हैं। इसके बावजूद आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज, वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन, कर्ज और कारोबार से जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है।