मध्य प्रदेश में इंदौर के अनिल जायसवाल ने अपने दो मंजिली घर की एक मंजिल को केसर फार्म में बदल दिया है। जायसवाल ने केसर की खेती के लिए एरोपोनिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया है। उन्होंने 320 वर्ग फुट में वर्टिकल खेत बनाया है। इस विधि में पौधों के लिए मिट्टी की जरूरत नहीं होती। पौधों पर विकास के लिए पोषक तत्वों का छिड़काव किया जाता है।
जायसवाल ने बताया कि खास तरह का खेत बनाने में उन्हें करीब साढ़े छह लाख रुपये लगे। जायसवाल का पूरा परिवार अनोखे खेत में केसर की खेती कर रहा है। इसमें जरूरी तापमान और नमी बनाए रखने के लिए खास बंदोबस्त किए गए हैं।
केसर का इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स, खाना और फार्मास्युटिकल्स जैसे कई उद्योगों में होता है। जायसवाल ने कश्मीर से केसर के बल्ब खरीदे थे। इस साल उन्हें दो-तीन किलो केसर उगने की उम्मीद है।
इंदौर के किसान ने घर के अंदर की केसर की खेती
You may also like
Sant Sansad 2026: अंग्रेजी शिक्षा को मिली प्राथमिकता ने हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचाया - स्वामी उमाकांतानंद जी.
Sant Sansad 2026: भारत में बाहरी धर्मों के लोगों के मतदान का अधिकार रद्द हो — डॉ अनिकेत शास्त्री महाराज.
मध्य प्रदेश के पन्ना में कुएं की खुदाई के दौरान धंसी मिट्टी, 5 मजदूरों की मौत.
अंतिम चरण में पहुंचा बारापुला फेज-III प्रोजेक्ट, 30 जून तक उद्घाटन के लिए होगा तैयार.