मध्य प्रदेश के मंडला जिले में बैगा समुदाय के ये आदिवासी बच्चे इन दिनों पलाश के फूल जमा करने में लगे हैं। इन फूलों से इन बच्चों के परिवार के लोग होली के लिए हर्बल गुलाल बनाएंगे।
गांव वाले पलाश के फूलों को तोड़ने के बाद उन्हें सुखाते हैं। इसके बाद पत्थर से पीस कर बाल्टी में उनका रस निकाल लेते है। फिर इसकी पूजा कर होली के दिन निकालते हैं और जमकर रंग बरसाते हैं।
बैगा आदिवासियों के लिए होली महज एक त्योहार नहीं है बल्कि ये इनके समुदाय की अनोखी परंपरा है, जिसमें ये प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करते हैं, जो उनके लिए न केवल महफूज है बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है।