नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह ने मंगलवार को भोपाल की एक अदालत में दावा किया कि उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ जबलपुर कोर्ट में सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने मारपीट की। यह आरोप उस समय सामने आया जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पांच दिन की हिरासत पूरी होने के बाद समर्थ सिंह और गिरीबाला सिंह को अदालत में पेश किया। दोनों से ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पूछताछ की जा रही है।
गिरीबाला सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ सिंह को यह बताना चाहिए कि वह कथित तौर पर जबलपुर कोर्ट परिसर में कहां छिपे हुए थे।
सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह ने मामले में हो रहे कथित "मीडिया ट्रायल" पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने अदालत से कहा कि जहां भी वे जाते हैं, मीडिया उनका पीछा करती है और इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इससे उनकी सुरक्षा को खतरा है। गिरीबाला सिंह ने हाल ही में CBI द्वारा कराए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उनके घर के बाहर छोड़ने के बजाय तीन घर दूर उतारा गया और इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो फुटेज मीडिया में प्रसारित की गई, जो उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि फिलहाल वह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग कर रही है। हालांकि जांच की आवश्यकता पड़ने पर आगे पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। यह मामला 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा है, जिनकी 12 मई को भोपाल में मृत्यु हो गई थी। ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें पति और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है और जांच प्रक्रिया जारी है।