हरियाणा में हाल में हुए नगर निकाय चुनाव में बीजेपी के महापौर पद के उम्मीदवारों ने बुधवार को सात नगर निगमों में जोरदार जीत दर्ज की, जबकि दो अन्य नगर निकायों में पार्टी उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे हैं। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद वापसी की उम्मीद कर रही कांग्रेस को नगर निगम चुनाव में भी बीजेपी ने धूल चटा दी।
सात नगर निगमों-गुरुग्राम, मानेसर, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल और यमुनानगर में महापौर और वार्ड सदस्यों के पदों के लिए चुनाव दो मार्च को हुए थे। अंबाला और सोनीपत नगर निगमों में महापौर पद के लिए उप-चुनाव भी हुए और उसी दिन 21 नगर समितियों में अध्यक्षों और वार्ड सदस्यों के लिए चुनाव भी हुए।
पानीपत नगर निगम के महापौर और 26 पार्षदों के चुनाव के लिए नौ मार्च को मतदान हुआ था। महापौर पदों के लिए उपलब्ध परिणामों और रुझानों के अनुसार, भाजपा उम्मीदवारों ने अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, करनाल, रोहतक और सोनीपत में अपने निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वियों को हराकर जोरदार जीत दर्ज की।
यमुनानगर और पानीपत में सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। मानेसर में पहली बार नगर निगम चुनाव हुए हैं और वहां निर्दलीय उम्मीदवार इंद्रजीत यादव ने जीत हासिल की। उन्होंने बीजेपी के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुंदर लाल को 2,293 मतों के अंतर से हराया। निवर्तमान नगर निगमों में 10 में से आठ नगर निकायों में बीजेपी के महापौर थे।
कांग्रेस में रह चुके निखिल मदान सोनीपत के महापौर थे। 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले वो बीजेपी में शामिल हो गए और सोनीपत विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। अंबाला नगर निगम में हरियाणा जनचेतना पार्टी की नेता शक्ति रानी शर्मा महापौर थीं। वह भी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गईं और कालका विधानसभा सीट से जीत हासिल की। अन्य नगर निगमों में जहां मतदान हुआ, वहां बीजेपी के महापौर थे।
बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले महापौर उम्मीदवारों में बीजेपी के फरीदाबाद से उम्मीदवार परवीन जोशी शामिल हैं, जिन्होंने तीन लाख से अधिक वोट से जीत हासिल की और गुरुग्राम से राज रानी ने 1.79 लाख से अधिक वोट से जीत हासिल की। बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले अन्य उम्मीदवारों में सोनीपत से जीतने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजीव जैन और करनाल से जीतने वाली रेणु बाला गुप्ता शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय में व्यापक व्यवस्था की है। निकाय चुनावों में कांग्रेस को झटका मिला है, जिसमें चुनाव से पहले जिलों में कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया।
पार्टी की राज्य इकाई को पूर्व में भी अंदरूनी कलह और गुटबाजी का सामना करना पड़ा है, जबकि बीजेपी के पास जमीनी स्तर पर एक सुव्यवस्थित और मजबूत संगठनात्मक ढांचा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल में विश्वास जताया था कि बीजेपी नगर निगम चुनाव जीतेगी। उन्होंने कहा था कि ‘‘ट्रिपल इंजन’’ सरकार के गठन के बाद काम तीन गुना तेजी से होगा। सैनी ने यह बात पार्टी के केंद्र, राज्य और नगर निकायों में सत्ता में होने के संदर्भ में कही थी।
हरियाणा नगर निकाय चुनाव: बीजेपी के महापौर पद के सात उम्मीदवार जीते
You may also like
Jammu Kashmir: गुलमर्ग में केबल कार में तकनीकी आई खराबी, सैकड़ों पर्यटकों को निकाला सुरक्षित.
दिल्ली में अनोखा स्टार्टअप ‘Carry Men’ सर्विस, शॉपिंग अब बनेगी और भी आसान.
Gujarat: पुलिस ने आणंद में नकली खाद बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया, लाखों का सामान जब्त.
Sant Sansad 2026: हमें उस शिक्षा पद्धति की आवश्यकता है जो भारत को जगद्गुरु बनाए — कालीचरण जी महाराज.