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NEET पर चर्चा के लिए सरकार तैयार, विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित न करे: किरेन रिजिजू

NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में हंगामा जारी है। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही बाधित न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार NEET और देश में हुए अन्य पेपर लीक मामलों पर विस्तार से चर्चा कराने के लिए तैयार है।

किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अपनी सभी मांगें, सुझाव और सवाल संसद में होने वाली चर्चा के दौरान उठा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन संसद की कार्यवाही को रोकना सही नहीं है। रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक और जरूरी काम होने हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन कामों को कुछ समय के लिए अलग रखकर पहले NEET पेपर लीक और देश में हुई अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं कई राज्यों में हुई हैं, इसलिए यह किसी एक पार्टी या राज्य का मुद्दा नहीं बल्कि सभी के लिए चिंता का विषय है।

सरकार के बयान पर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं को दूर करने में नाकाम रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। औजला ने कहा कि देश के युवा और किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने पहले छात्रों और विपक्ष की बात सुनी होती तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने सरकार से छात्रों से माफी मांगने की भी मांग की।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी पेपर लीक के मुद्दे को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों का भविष्य चिंता में है और सरकार को इस मामले में समय रहते कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर बयान दिया है, लेकिन उन्हें यह बात शुरुआत में ही कहनी चाहिए थी।

इससे पहले किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा से पीछे हटने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि शुरुआत में विपक्षी दल संसद में चर्चा के लिए तैयार थे, लेकिन बाद में उन्होंने अलग-अलग शर्तें रखनी शुरू कर दीं। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत कर संसद में चर्चा का रास्ता निकालने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि बातचीत आगे बढ़ने के साथ विपक्ष की ओर से नई-नई शर्तें रखी जाने लगीं।

इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को संसद परिसर में भी जमकर हंगामा हुआ। मकर द्वार के पास NDA और INDIA गठबंधन के सांसद आमने-सामने आ गए। विपक्षी सांसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि NDA सांसद विपक्ष पर चर्चा रोकने और गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।

स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास को बीजेपी नेता अरुण सिंह के हाथ से पोस्टर खींचते हुए देखा गया। दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने खड़े हो गए, जिसके बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों गुटों को अलग रखने के लिए मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और बीजेपी नेताओं के बीच भी नारेबाजी हुई। वहीं, बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने इस टकराव को लेकर कांग्रेस पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ पिछले तीन दिनों से इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है।