ammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठठरी कस्बे में तड़के हुई मूसलाधार बारिश के बाद आए भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। रात के अंधेरे में आई इस अचानक आपदा ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। पहाड़ियों से तेज रफ्तार के साथ मलबा, विशाल पत्थर और चट्टानें नीचे आ गिरीं, जिससे कई मकान, दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
फ्लैश फ्लड के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं, मलबा और चट्टानें सड़क पर जमा होने से डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय प्रशासन और राहत दल हालात पर नजर बनाए हुए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
सुबह जब लोगों की नींद खुली तो चारों ओर तबाही का मंजर दिखाई दिया। सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा फैला हुआ था, जबकि कई वाहन मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थरों के नीचे दब गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ वाहन तेज बहाव में बहकर चिनाब नदी तक पहुंच गए। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
फ्लैश फ्लड के चलते डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग NH-244 ठठरी के पास बंद हो गया, जिससे दोनों जिलों के बीच यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। मलबा हटाने और सड़क को दोबारा चालू करने के प्रयास लगातार जारी रहे।
डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल ने बताया कि जिले में हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरी थीं। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित मार्गों को साफ कराया और यातायात बहाल करने की दिशा में तेजी से काम किया। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि यह घटना बादल फटने की नहीं, बल्कि अत्यधिक बारिश के कारण आई फ्लैश फ्लड का परिणाम है। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी सूचना की पुष्टि केवल जिला प्रशासन या कंट्रोल रूम से ही करें।
गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में डोडा और किश्तवाड़ जिलों में फ्लैश फ्लड की यह तीसरी घटना है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
एलजी मनोज सिन्हा ने तत्काल राहत के दिए निर्देश
फ्लैश फ्लड की वजह से कई घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डोडा के उपायुक्त से फोन पर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग NH-244 को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पुनर्स्थापना कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।