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केरल में चुनावी हलचल तेज, वीडी सतीशन ने परावुर सीट से भरा पर्चा

केरल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने सोमवार को परावुर सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। वह इस सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज करने की उम्मीद कर रहे हैं। कांग्रेस ने हाल ही में अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें 37 नाम शामिल हैं। सूची के अनुसार, टी.ओ. मोहनन को कन्नूर, सेनापति वेणु को उदुम्बनचोला, और संताकुमार को अडूर (एससी) सीट से मैदान में उतारा गया है। वहीं, संदीप वारियर त्रिकरिपुर, एम. लिजू कायमकुलम और अबिन वार्की अरनमुला सीट से चुनाव लड़ेंगे।

इससे पहले कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 55 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ को पेरावूर सीट से टिकट दिया गया है, जबकि वी.डी. सतीशन को परावुर से मैदान में उतारा गया है। पूर्व सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरण के पुत्र के. मुरलीधरन को वट्टियूरकावु सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, 140 सदस्यीय केरल विधानसभा के लिए चुनाव एक ही चरण में 9 अप्रैल 2026 को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है।

राज्य की राजनीति में इस बार मुकाबला दिलचस्प होने वाला है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ, दोनों ही वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को सत्ता से हटाने की कोशिश में हैं। एलडीएफ पिछले करीब एक दशक से राज्य में सत्ता में है। 2021 के विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, जो 1977 के बाद पहली बार था जब किसी सत्तारूढ़ गठबंधन ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं, जबकि एनडीए एक भी सीट नहीं जीत सका था। वोट शेयर के लिहाज से एलडीएफ को 41.5 फीसदी वोट मिले थे, जबकि यूडीएफ को 38.4 फीसदी और एनडीए को 11.4 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे। 2021 में सीपीआई(एम) 62 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस ने 21 सीटें जीती थीं।