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ईडी ने पंजाब-चंडीगढ़ के 8 ठिकानों पर की छापेमारी, ‘मुआफी जमीन’ से जुड़ा है मामला

Punjab: पंजाब और चंडीगढ़ में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 'मुआफी जमीन' का कथित तौर पर कुछ संस्थाओं द्वारा दुरुपयोग किए जाने से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि वाहिद संधार शुगर्स लिमिटेड और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कम से कम आठ स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं।

ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया के लिए कंपनी या उसके प्रतिनिधियों से तत्काल संपर्क नहीं हो पाया। ईडी की जांच पंजाब सतर्कता ब्यूरो की एक एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उक्त कंपनी ने 'मुआफी जमीन' का "दुरुपयोग" किया है, जिसे शुरू में 1933 में कपूरथला राज्य के महाराजा जगत जीत सिंह द्वारा आवंटित किया गया था।

'मुआफी जमीन' को राजस्व भुगतान से छूट प्राप्त होती है। एक सूत्र ने बताया, "आवंटन और बंधक रखने की शर्तों के अनुसार, उक्त मुआफी जमीन का इस्तेमाल चीनी मिल चलाने के लिए किया जाना था। जमीन की बिक्री की अनुमति नहीं थी।"

सूत्र ने कहा कि वाहिद संधार शुगर्स ने 2000 में 'मुआफी जमीन' पर चीनी मिल संचालित करने का अधिकार हासिल किया था, और कंपनी ने शर्तों का "उल्लंघन" करते हुए उक्त जमीन को बंधक रखकर बेच दिया। सूत्र ने बताया कि इससे राज्य सरकार को नुकसान हुआ और केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अपराध से अर्जित अनुमानति आय लगभग 95 करोड़ रुपये है।