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CM रेखा गुप्ता ने 1,368 नव-नियुक्त शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 1,368 नव-नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 1,015 टीजीटी, 236 पीजीटी और 117 संगीत शिक्षक शामिल हैं। इस नियुक्ति अभियान का उद्देश्य दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करना और विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

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नव-नियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल नियुक्ति पत्र देने का अवसर नहीं है, बल्कि दिल्ली के लाखों बच्चों और उनके परिवारों के साथ बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों के सपनों का शहर है और यहां सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला हर बच्चा दिल्ली का बच्चा है। उसकी बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए शिक्षकों के सरकारी विद्यालयों से जुड़ने से हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अकादमिक सहयोग, मार्गदर्शन और नए अवसर मिलेंगे। यह भर्ती अभियान स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकीय पदों को भरने और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने एक विद्यालय दौरे का अनुभव साझा करते हुए बताया कि विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि कई स्कूलों में विज्ञान और संगीत जैसे विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। कई जगह सीमित संख्या में शिक्षकों को कई-कई कक्षाएं संभालनी पड़ रही थीं। इस स्थिति ने शिक्षकों की कमी की गंभीरता को सामने रखा, जिसके बाद शिक्षा विभाग के साथ मिलकर समस्या के समाधान के लिए काम शुरू किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों की इमारतें बनाना नहीं है, बल्कि हर कक्षा में योग्य और समर्पित शिक्षक उपलब्ध कराना भी है। इसके साथ ही शिक्षण के स्तर को बेहतर बनाने, आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल, खेल और कला के अवसर बढ़ाने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त शिक्षकों से विद्यार्थियों के लिए केवल विषय विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि मेंटर, रोल मॉडल और मार्गदर्शक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को केवल परीक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे ले जाकर बच्चों के संपूर्ण विकास से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 1,368 नए शिक्षकों का दिल्ली के शिक्षा परिवार से जुड़ना केवल नियुक्तियों की संख्या बढ़ना नहीं है, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि जहां शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध हों और जहां किसी विषय विशेषज्ञ की आवश्यकता है, वहां योग्य विशेषज्ञ शिक्षक नियुक्त किए जाएं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, सही दिशा और आगे बढ़ने का विश्वास देता है। आज कक्षा में बैठा कोई बच्चा भविष्य में वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी या उद्यमी बन सकता है। ऐसे में शिक्षक की भूमिका राष्ट्र निर्माण से सीधे जुड़ी है।

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आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने शिक्षक रिक्तियों को सामान्य स्थिति मानने के बजाय उन्हें दूर करने के लिए व्यापक भर्ती अभियान को गति दी है। अप्रैल और मई 2026 में लगभग 751 शिक्षकों की नियुक्ति के बाद अब 1,368 नए शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा गया है। आने वाले समय में शिक्षकों की भर्ती के साथ-साथ उनकी ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि वे नई तकनीक और 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप और अधिक सक्षम बन सकें।

यह नियुक्ति कार्यक्रम दिल्ली सरकार के सरकारी विद्यालयों में रिक्त शिक्षकीय पदों को भरने के लिए चलाए जा रहे व्यापक भर्ती अभियान का हिस्सा है। पिछले तीन महीनों में विभिन्न शिक्षण श्रेणियों में नियुक्तियां की गई हैं। अप्रैल-मई 2026 में करीब 751 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है। अब 1,368 शिक्षकों की नियुक्ति के साथ सरकारी स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे शिक्षकों की कमी दूर करने, विद्यार्थियों को बेहतर अकादमिक सहयोग देने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को ऐसे आधुनिक शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है, जहां स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ योग्य, प्रेरणादायी और समर्पित शिक्षक भी उपलब्ध हों।