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CM रेखा गुप्ता ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की, पोर्टल का किया शुभारंभ

New Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की आधिकारिक शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने पूर्वी दिल्ली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय (डीएम ऑफिस) में आयोजित कार्यक्रम में योजना के ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल www.dly.delhi.gov.in का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर महिलाओं को बचत, डिजिटल वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता से जोड़ने वाला देश का एक अभिनव मॉडल बनेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का जो संकल्प लिया था, आज उसे धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली मंत्रिमंडल द्वारा इस योजना को ‘महिला समृद्धि योजना’ के नाम से स्वीकृति प्रदान की गई थी, बाद में महिलाओं के सम्मान, समृद्धि एवं आर्थिक सशक्तीकरण की व्यापक भावना को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ रखा गया है। यह नाम देवी लक्ष्मी से प्रेरित है, जो समृद्धि, आर्थिक सुरक्षा और परिवार के कल्याण का प्रतीक हैं। इस अवसर पर लक्ष्मी नगर से विधायक श्री अभय वर्मा, पटपड़गंज से विधायक श्री रविन्द्र नेगी, त्रिलोकपुरी से विधायक श्री रविकांत, कृष्णा नगर से विधायक श्री अनिल गोयल, शाहदरा से विधायक श्री संजय गोयल सहित संबंधित विभाग के अधिकारी, गणमान्यजन और भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

17 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रारंभिक चरण में यह योजना तीन वर्षों के लिए लागू की जाएगी और इससे लगभग 17 लाख महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रत्येक माह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए आर्थिक बचत भी सुनिश्चित कर सकेंगी।

दो विकल्पों से दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा

उन्होंने बताया कि योजना को पारंपरिक नकद सहायता योजनाओं से अलग स्वरूप दिया गया है। लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार दो वित्तीय विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। पहले विकल्प में प्रत्येक माह 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट में उपलब्ध होंगे, जिनका उपयोग दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जा सकेगा, जबकि शेष 1,500 रुपये आरडी/एफडी में जमा होंगे। दूसरे विकल्प में संपूर्ण 2,500 रुपये प्रतिमाह आरडी/एफडी में जमा किए जाएंगे, जिससे समय के साथ ब्याज सहित पर्याप्त बचत तैयार होगी। इस प्रकार योजना महिलाओं को तत्काल आर्थिक सहायता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा भी प्रदान करेगी।

इन कामों पर नहीं कर सकेंगे खर्च

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी धन का उपयोग केवल परिवार की आवश्यक जरूरतों के लिए सुनिश्चित करने के लिए सीबीडीसी वॉलेट में डिजिटल नेगेटिव लिस्ट लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थों, लॉटरी टिकट, जुआ, सट्टेबाजी और सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद के लिए नहीं किया जा सकेगा। इससे सरकारी सहायता का उपयोग परिवार के हित में सुनिश्चित होगा।

चार-स्तरीय जांच और पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना पूरी तरह से तकनीक आधारित और डिजिटल व्यवस्था पर संचालित होगी। इसके लिए लॉन्च किया गया डीएलवाई पोर्टल आवेदन, दस्तावेज वेरीफीकेशन, पात्रता परीक्षण, अनुमोदन, पीएफएमएस एकीकरण, बैंकिंग सेवाएं, सीबीडीसी ट्रांसफर और एसएमएस जैसी सभी सेवाओं को एकीकृत करेगा। इससे पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। प्रत्येक आवेदन को स्वीकृति से पूर्व चार स्तरों की जांच एवं अनुमोदन प्रक्रिया से गुजरना होगा। सबसे पहले डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट आवेदन की जांच करेगा। इसके पश्चात डिस्ट्रिक्ट विमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट ऑफिसर द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल अप्रूवल, मॉनीटरिंग और ग्रीवेंस रिड्रेसल कमिटी आवेदन की समीक्षा एवं अनुमोदन करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही सहायता मिले, इसके लिए आधार सत्यापन, दिल्ली मतदाता पंजीकरण, वार्षिक आय, परिवार का विवरण, बिजली की खपत, वाहन स्वामित्व, पेंशन, सरकारी सेवा का रिकॉर्ड एवं अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर विस्तृत जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या धोखाधड़ी पाए जाने पर सहायता राशि की वसूली तथा आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

पात्रता के मुख्य मानदंड

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना के अंतर्गत परिवार की सबसे वरिष्ठ पात्र महिला आवेदन कर सकेगी। लाभार्थी की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक होनी चाहिए, आवेदक अथवा उसके माता-पिता/पति का कम-से-कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना आवश्यक होगा और लाभार्थी का दिल्ली का पंजीकृत मतदाता होना अनिवार्य होगा। केवल निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे।

योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य स्तर पर स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट और दिल्ली के सभी 13 जिलों में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अप्रूवल, मॉनीटरिंग और ग्रीवेंस रिड्रेसल कमिटी गठित होगी, जो पात्र आवेदनों की स्वीकृति, शिकायतों के निस्तारण तथा योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस, बैंकिंग पार्टनर, पीएफएमएस, यूआईडीआई, एनपीसीआई, एवं अन्य तकनीकी संस्थाओं के समन्वित सहयोग से किया जाएगा। योजना की नियमित निगरानी डैशबोर्ड, की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स, एमआईएस, डेटा एनालिटिक्स, फील्ड वेरिफिकेशन, सोशल ऑडिट, थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन एवं इंपैक्ट असेसमेंट के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे 1 अगस्त 2026 से www.dly.delhi.gov.in  पर ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। पोर्टल पर आवेदन पत्र भरने के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध होगी। आवेदन के दौरान लाभार्थी अपनी पसंद के अनुसार वित्तीय विकल्प का चयन कर सकेंगी और अपना सीबीडीसी वॉलेट अथवा बैंक खाते को योजना से लिंक कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना केवल प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। इनमें अपार आईडी, आभा आईडी, पोषण ट्रैकर, टीकाकरण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन तथा अन्य सामाजिक विकास कार्यक्रमों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा, जिससे वे दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा, बचत की संस्कृति और विकसित दिल्ली के निर्माण में उनकी भागीदारी को सशक्त बनाने वाला एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन का अभियान है।