उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को बद्रीनाथ दौरे के दौरान स्थानीय संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने बद्रीनाथ के पास बामणी गांव में स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक चांचणी नृत्य किया और ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की लोक परंपराओं को करीब से जाना। मुख्यमंत्री धामी ने बद्रीनाथ धाम में एक स्थानीय दुकान पर रुककर दूध और जलेबी का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और बद्रीनाथ दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से बातचीत की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नारायण पैलेस रोड स्थित श्री नारायण स्वामी मंदिर के पास आयोजित श्री बद्रीनाथ कथा महोत्सव में भी शामिल हुए।
सीएम धामी का यह दौरा मानसून के बाद शुरू हुए चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के दौरान हुआ। इससे पहले उन्होंने श्री बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर उत्तराखंड और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा का पहला चरण ऐतिहासिक रहा है और करीब 51 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा और सुविधाजनक दर्शन के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्गों पर सड़क निर्माण और मरम्मत का काम भी जारी है।
धामी ने बद्रीनाथ में भगवान बदरी विशाल के मास्टर प्लान के काम की प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्र में निर्माण का समय सीमित होने के बावजूद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बद्रीनाथ में 19 और 20 सितंबर को ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम को भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन मिलकर आयोजित कर रहे हैं।
महोत्सव में उत्तराखंड के लोक नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इसमें महिला स्वयं सहायता समूह, कारीगर, किसान और युवा उद्यमी भी हिस्सा ले रहे हैं। इस साल महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रखी गई है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थानीय परंपराओं, उत्पादों और प्रतिभाओं को मंच देना और युवा पीढ़ी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।