उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी संबंधित विभागों और आमजन की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता, जागरूकता और समय पर बीमारी की पहचान के जरिए संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

डिप्टी सीएम लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जन-जागरूकता रैली में हिस्सा लिया और स्वच्छता एवं फॉगिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 से 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। वहीं दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर तक संचालित होगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करेंगी और जरूरी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देंगी।

उन्होंने लोगों से घर, प्रतिष्ठान और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा पानी में मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है। डिप्टी सीएम ने कहा कि “स्वस्थ व्यवहार अपनाना है, संचारी रोगों को हराना है” के संकल्प के साथ जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाया जाना है।
संचारी रोगों पर सरकार का फोकस

ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण को अभियान के रूप में आगे बढ़ाया गया। स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी केवल बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम और नियंत्रण के लिए भी प्रभावी कदम उठाना है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग संचारी रोग नियंत्रण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर काम कर रहा है।
जापानी इंसेफेलाइटिस पर भी नियंत्रण

डिप्टी सीएम ने कहा कि पूर्वांचल के कुछ जिलों में लंबे समय तक जापानी इंसेफेलाइटिस का प्रभाव रहा, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता था। सरकार के समन्वित प्रयासों से इस बीमारी समेत अन्य संचारी रोगों के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है।
स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील

ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना, साफ और सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करना, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना और बीमारी के लक्षण दिखने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सजग नागरिक, स्वस्थ परिवार और सुरक्षित प्रदेश ही विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का लक्ष्य है।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा नीलम, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह, विशेष सचिव धीरेंद्र सिंह सचान, विशेष सचिव करुणेश, विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की निदेशक डॉ. रेखा, लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।