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दीपावली से पहले यूपी में मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन, 60 कुंतल असुरक्षित खाद्य पदार्थ नष्ट

दीपावली पर लोगों को मिलावटी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों से बचाने के लिए योगी सरकार ने प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों ने 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत करीब 12 टोल नाकों और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की जांच की। इस दौरान 48 वाहनों की जांच में कानपुर नगर में करीब 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया और हापुड़ में 28 कुंतल पनीर पकड़ा गया।

अभियान के दौरान करीब 60 कुंतल असुरक्षित और गंदगी वाली परिस्थितियों में रखे या ले जाए जा रहे खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए। वहीं, गंभीर अनियमितताएं मिलने पर अब तक प्रदेश के 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।

टोल नाकों पर पकड़ा गया खोया, दूध और पनीर

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पुलिस के सहयोग से चलाए गए वाहन जांच अभियान में अलग-अलग जिलों में संदिग्ध खाद्य पदार्थ पकड़े गए। मऊ में 230 किलोग्राम असुरक्षित खोया, कानपुर नगर में 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया, रामपुर में 350 लीटर दूध और हापुड़ में करीब 28 कुंतल पनीर मिला।

बाराबंकी और उन्नाव में भी पनीर पकड़ा गया, जबकि गौतमबुद्धनगर में संदिग्ध पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। मुरादाबाद में पहले प्रतिबंधित किए गए एक खाद्य कारोबारी के गुप्त ठिकाने पर छापेमारी के दौरान मिलावट में इस्तेमाल होने वाले रसायन और अन्य सामग्री बरामद हुई। बुलंदशहर, मथुरा और मुरादाबाद में भी मिलावट के लिए अपमिश्रक और रसायन मिलने पर एफआईआर दर्ज कराई गई।

बरेली में शौचालय के पास बन रही थीं मिठाइयां

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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने बरेली और मुरादाबाद में मिठाई बनाने वाली इकाइयों की जांच की। बरेली के सुभाष नगर स्थित न्यू बाजपेई स्वीट्स की निर्माणशाला में भट्टी के पास ही शौचालय संचालित मिला। फर्श टूटी हुई थी और परिसर में दूषित पानी भरा था। गंभीर गंदगी मिलने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

कैलाशपुरी स्थित धीरज स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी में पुरानी और फफूंद लगी घेवर मिली। यहां भी गंदगी के बीच मिठाइयां बनाई जा रही थीं। विभाग ने इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया।

मुरादाबाद में एक्सपायरी सामग्री और अखाद्य रंग मिले

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मुरादाबाद के ढकिया, डिलारी के पास हुकूमत मिल्क केक की रसगुल्ला निर्माण इकाई में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे। यहां खाद्य सामग्री भी दूषित अवस्था में मिली।

कोहिनूर तिराहे के पास मदनी स्वीट्स में एक्सपायर हो चुकी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में चूहों की गंदगी, अखाद्य रंगों का प्रयोग और जल निकासी की खराब व्यवस्था भी सामने आई। इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित किया गया।

मकबरी रोड स्थित बीना मिष्ठान भंडार बिना खाद्य लाइसेंस के चलता मिला। यहां भी गंदगी और चूहों का प्रकोप पाया गया। विभाग ने खाद्य कारोबार बंद करा दिया। कासगंज के पवन स्वीट्स में भी गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाई बनाने पर कार्रवाई की गई।

प्रदेशभर में अब तक 1,533 निरीक्षण और 731 नमूने

'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत मुख्यालय की सचल टीमों और मंडल स्तर पर गठित टीमों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की है। विशेष अभियान के दौरान 113 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। 76 कारोबारियों को कमियां दूर करने के लिए सुधार नोटिस दिए गए और 113 नमूने जांच के लिए लिए गए।

प्रदेशभर में अब तक कुल 1,533 निरीक्षण किए जा चुके हैं और 731 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए हैं। गंभीर अनियमितताओं के चलते 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा करीब 56 कुंतल खाद्य पदार्थ अधिग्रहित किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 1.40 करोड़ रुपये है।

खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कराना अभियान का लक्ष्य

विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान का उद्देश्य कारोबारियों का व्यवसाय बंद कराना नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री में स्वच्छता और सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि सामान्य कमियां मिलने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि गंभीर अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों ने अपनी कमियां दूर कर ली हैं, उनके लाइसेंस बहाल करने और कारोबार दोबारा शुरू करने की अनुमति भी जांच के बाद दी जा रही है।