भारत राष्ट्र समिति (BRS) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने गुरुवार को राज्यसभा सांसद वड्डिराजू रविचंद्र को तत्काल प्रभाव से राज्यसभा में बीआरएस संसदीय दल का नेता नियुक्त किया है। रविचंद्र, पूर्व राज्यसभा सांसद के.आर. सुरेश रेड्डी की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। सुरेश रेड्डी अब तक राज्यसभा में बीआरएस के फ्लोर लीडर थे और उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब बीआरएस तेलंगाना में अपने राजनीतिक अभियान को तेज कर रही है। इससे पहले बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने दावा किया था कि तेलंगाना में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के आंतरिक सर्वे और अन्य सर्वेक्षणों में बीआरएस को जनता का बढ़ता समर्थन मिला है।
केटीआर ने दावा किया कि यदि अभी चुनाव कराए जाएं तो बीआरएस करीब 78 सीटें जीतकर सरकार बना सकती है और राज्य की जनता फिर से के. चंद्रशेखर राव को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अपने ही सर्वे के नतीजों से परेशान हैं और इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से असामान्य बयान दे रहे हैं।
इसके अलावा, केटीआर ने पार्टी नेताओं से मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को पर्याप्त प्रशिक्षण और संसाधन नहीं मिलने के कारण यह प्रक्रिया धीमी चल रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए और जहां कहीं भी फर्जी वोट जोड़ने की कोशिश हो रही है, उस पर नजर रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि बीआरएस लगातार इस मुद्दे और जनता की शिकायतों को चुनाव आयोग के सामने उठा रही है।