असम के डिब्रूगढ़ के रहने वाले धीरज विकास गोगोई ने नदी प्रदूषण को रोकने के लिए अनूठी पहल की है। उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करके एक नाव बनाई और ब्रह्मपुत्र नदी के जरिए गोवाहाटी तक की यात्रा शुरू की। धीरज ने 3,300 प्लास्टिक की बोतलों से 500 किलोग्राम वजनी, 28 फीट लंबी और पांच फीट चौड़ी नाव बनाई है।
उनका कहना है यह यात्रा ब्रह्मपुत्र नदी को साफ करने के लिए चल रहे उनके अभियान का हिस्सा है। ये अभियान 2021 में शुरू किया गया था। धीरज बिकास गोगोई के मुताबिक भारत की नदियों को साफ करने की कोशिश सभी लोगों की सामूहिक पहल होनी चाहिए।
धीरज की इन कोशिशों की असम राज्य पर्यटन विभाग भी तारीफ करता है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नदी में प्लास्टिक कचरा फेंकने के खतरनाक प्रभावों के बारे में लोगों को शिक्षित करने की बहुत जरूरत है।
धीरज पहले भी ब्रह्मपुत्र नदी में इसी तरह की यात्राएं कर चुके हैं। 'प्लास्टिक मुक्त ब्रह्मपुत्र' अभियान के तहत, धीरज गुवाहाटी तक अपनी 13 दिन की यात्रा के दौरान ब्रह्मपुत्र नदी में फेंके गए प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करेंगे।