साइबर हमले से जूझ रहे सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) में विशेषज्ञों की भर्ती में बड़ा हेरफेर सामने आया है। जिन लोगों को नौकरी पर रखा गया, जब उनकी कमियां सामने आईं तो उनमें से दो को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
कुछ विवादित कर्मचारी अभी भी सेवाएं दे रहे हैं। आईटीडीए में डीजीएम के पद की जिम्मेदारी संभाल रहे राम उनियाल मूलरूप से आईटीआई के शिक्षक हैं। जब उन्हें भर्ती किया गया तो उन्होंने अपने रिज्यूम में क्वालिफिकेशन बीई जियोइंफॉर्मेटिक्स बताई। पद के लिए बीटेक आईटी या इलेक्ट्रॉनिक्स की जरूरत थी।