भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विशेष संसद सत्र को लेकर अपने सभी सांसदों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी करते हुए 16 से 18 अप्रैल तक सदन में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। पार्टी की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इस अवधि के दौरान किसी भी सांसद या केंद्रीय मंत्री को छुट्टी नहीं दी जाएगी। सभी सदस्यों को लगातार सदन में उपस्थित रहने और संसद की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यह विशेष संसद सत्र महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। सरकार का लक्ष्य इस ऐतिहासिक विधेयक पर व्यापक बहस और आगे की प्रक्रिया को तेज करना है। भाजपा द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सभी सांसदों को पूरे सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी ने सभी सदस्यों से निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। वहीं, इस विशेष सत्र को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने सरकार से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने और परिसीमन जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।