अयोध्या के दसवें भव्य दीपोत्सव में इस बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामायण का अनोखा अनुभव मिलने जा रहा है। राम की पैड़ी पर सरयू नदी के मध्य 300 फीट लंबा और 50 फीट ऊंचा रामायण थीम पर आधारित सिनेमैटिक फसाड तैयार किया जा रहा है। इस पर अत्याधुनिक तकनीक के जरिए रामायण की पूरी गाथा को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। करीब 22 मिनट तक चलने वाली इस प्रस्तुति में दर्शक रामायण के प्रसंगों को न केवल देख सकेंगे, बल्कि तकनीक और ध्वनि प्रभावों के जरिए उन्हें महसूस भी कर सकेंगे।
एलईडी वॉल और प्रोजेक्शन मैपिंग से जीवंत होंगे रामायण के प्रसंग
योगी सरकार के नेतृत्व में इस बार दीपोत्सव में आस्था के साथ आधुनिक तकनीक का भी अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विशाल एलईडी वॉल और हाई-एंड प्रोजेक्टरों के तालमेल से सिनेमैटिक शो तैयार किया जा रहा है। इसमें हाई-रिजॉल्यूशन विजुअल्स, प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर, डायनेमिक लाइटिंग और इमर्सिव साउंड इफेक्ट्स का इस्तेमाल होगा।
दिल्ली से आई कंपनी 'मॉडर्न स्टेज सर्विस' के प्रतिनिधि के अनुसार, एलईडी वॉल पर दिखाए जाने वाले दृश्य और फसाड पर प्रोजेक्शन मैपिंग के साथ लेजर व लाइटिंग इफेक्ट्स रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत बनाएंगे। करीब 22 मिनट की इस प्रस्तुति में पूरी रामायण को प्रभावशाली दृश्यात्मक स्वरूप में पेश किया जाएगा।
150 कलाकार करेंगे रामायण के पात्रों का सजीव मंचन
सिनेमैटिक शो के साथ दिल्ली, मुंबई समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से आए करीब 150 कलाकार रामायण के विभिन्न पात्रों का मंच पर सजीव अभिनय करेंगे। लाइव परफॉर्मेंस, एलईडी वॉल, प्रोजेक्टर, लेजर और लाइटिंग इफेक्ट्स के समन्वय से सरयू तट पर भव्य प्रस्तुति तैयार की जा रही है। इससे दीपोत्सव का आकर्षण और बढ़ने की उम्मीद है।
युवा पीढ़ी को भी आकर्षित करने की तैयारी
योगी सरकार का उद्देश्य अयोध्या को धार्मिक पर्यटन के साथ विश्वस्तरीय सांस्कृतिक आयोजनों का भी प्रमुख केंद्र बनाना है। इसी सोच के तहत पारंपरिक आस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी भी रामायण की कथा और भारतीय संस्कृति से जुड़ सके।
राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। ऐसे भव्य सांस्कृतिक आयोजन शहर के पर्यटन को और बढ़ावा देने में मददगार हो सकते हैं। दसवें दीपोत्सव का यह सिनेमैटिक शो अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम देने की दिशा में एक खास पहल है।