राजस्थान के बीकानेर शहर में रहने वाले कलाकारों ने पीपल के सूखे पत्तों पर देवी-देवताओं की तस्वीरें उकेर कर अलग पहचान बनाई है। दोनों ने कैनवास पर पेंटिंग शुरू की थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने पीपल के पत्तों पर पेंटिंग बनाने में महारत हासिल कर ली। पीपल के पत्तों पर रंगीन कलाकारी को हिंदू पौराणिक कथाओं में शुभ माना गया है।
पीपल के जिन पत्तों पर तस्वीरें बनानी होती हैं, उन्हें करीब 15 दिन तक पानी में रखने के बाद सुखाया जाता है। पत्ते जब पूरी तरह सूख जाते हैं, तो इनकी ऊपरी हरी परत गायब हो जाती है और ये जालीनुमा यानी नेट की तरह हो जाते हैं। इसके बाद इन पत्तों पर पेंटिंग बनाई जाती है।
दोनों कलाकार सूखे पत्तों पर कई खास पेंटिंग बना चुके हैं। इनमें भगवान विष्णु, गणेश, शिव और देवी लक्ष्मी की रंगीन तस्वीरें शामिल हैं।