केरल में वायनाड के मुंडक्कई-चूरलमाला में करीब दो साल पहले विनाशकारी भूस्खलन हुआ था। हादसे में कई लोगों का जीवन तबाह हो गया था। जो बचे थे, वे बदहाल थे। ऐसे लोगों के लिए केरल सरकार ने एक आदर्श पुनर्वास टाउनशिप बनाया है। रविवार को पहले चरण में 178 परिवारों को उनके घर सौंपे गए। मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने एल्टन एस्टेट में वायनाड मॉडल टाउनशिप का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन परिवारों की अनिश्चितता खत्म हुई, जो 2024 से किराए के घरों और अस्थायी शिविरों में रह रहे थे।
पुनर्वास योजना में हर लाभार्थी को व्यक्तिगत स्वामित्व के साथ भूमि आवंटित की गई है। घरों का निर्माण ऐसे कंक्रीट से किया गया है, जो प्राकृतिक आपदाओं का मजबूती से सामना कर सकें। टाउनशिप को व्यापक पुनर्वास परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। ये 'बिल्ड बैक बेटर' सिद्धांत के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
नए घरों की चाबियां मिलते ही पीड़ित भावुक हो उठे। कई लोग तो फूट-फूटकर रोने लगे और राजस्व मंत्री के. राजन को गले लगा लिया। उन्होंने ही पहले दिन से पुनर्वास काम की अगुवाई की थी। कई लोग इस बात से खुश थे कि उनके पुराने पड़ोसी दोबारा मिल गए। हालांकि वे नुकसान का दर्द भी नहीं भूल पाए।
लाभार्थी बेहद खुश थे। फिर भी कुछ लोगों ने कहा कि बेशक नए घरों और जमीन ने राहत दी है, लेकिन त्रासदी में उन्होंने जो खोया है उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। 30 जुलाई 2024 को भीषण भूस्खलन के बाद मुंडक्कई और चूरलमाला की तलहटी में बर्बादी का आलम छा गया था। घर बागान - सब नष्ट हो गए थे। आपदा में तीन पंचायत वार्ड तबाह हो गए और करीब 330 लोगों की जान चली गई। उस त्रासदी के निशान अब भी हैं, लेकिन नए घरों ने एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दिया है, जो बचे हुए लोगों के लिए उम्मीद की किरण है।
वायनाड भूस्खलन हादसे के 178 पीड़ितों को मिला आशियाना, CM पिनारायी विजयन ने सौंपी चाबियां
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