Breaking News

BRICS 2026 कारकेड रिहर्सल को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी     |   मुंबई में महंगाई का डबल अटैक... महंगी हुई CNG-PNG, ऑटो और काली-पीली टैक्सी का किराया भी बढ़ा     |   हिमाचल: नालागढ़ पुलिस स्टेशन IED ब्लास्ट केस में 3 और गिरफ्तार, NIA के शिकंजे में अब 6 आरोपी     |   यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी एयर स्ट्राइक, 3 की मौत; 5 घायल     |   होर्मुज स्ट्रेट में टैंकर पर हमला, 3 अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने की खबर     |  

वाराणसी का रुद्रेश्वर शिव मंदिर है खास, गंगा-जमुनी तहजीब की पेश कर रहा मिसाल

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में वाराणसी के कंदवा में रुद्रेश्वर शिव मंदिर के शांत माहौल में, एक मुस्लिम महिला नूर फातिमा हर सुबह गायत्री मंत्र का जाप करने और भगवान शिव की पूजा करने आती हैं। लेकिन नूर फातिमा की ये कहानी उस समय से शुरू हुई जब उन्होंने पड़ोस में हुई दुखद मौतों के बाद शिव मंदिर बनाने का फैसला किया।

नूर फातिमा की मानें, तो भगवान शंकर ने सपने में आ कर उनसे मंदिर निर्माण करवाने को कहा। समय बीतने के साथ, नूर को एक ऐसी आस्था से जुड़ाव महसूस हुआ जो कभी उसके लिए अनजान थी।

पेशे से वकील नूर फातिमा भले ही दूसरे धर्म से ताल्लुक रखती हों लेकिन शिव भक्त उन्हें अपने में से एक मानते हैं। वे कहते हैं कि आस्था के लिए पहचान मायने नहीं रखती। इस बात की गवाही नूर फातिमा की कोशिशों से बना शिव मंदिर दे रहा है।

यहां वक्त रुकता नहीं है। 2004 में बना शिव मंदिर गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बन चुका है। साथ ही ये नूर फातिमा की भगवान शिव के लिए भक्ति की भी याद दिलाता है।