Breaking News

मशहूर शूटर जसपाल राणा का निधन, अस्पताल में चल रहा था इलाज     |   छत्तीसगढ़: 'पुष्पा' की तरह हो रही 'सागौन' लकड़ी की तस्करी को पुलिस ने किया नाकाम     |   होर्मुज स्ट्रेट में US सेना ने ईरान के दो ड्रोन मार गिराए     |   भारत में 2024 में सड़क हादसों से 1.77 लाख लोगों की मौत, हर घंटे 20 लोगों ने गंवाई जान: सरकारी रिपोर्ट     |   दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग, तीन की मौत     |  

Sant Sansad 2026: जब संत समाज में निकलकर लोगों को ज्ञान देंगे तभी धर्मांतरण पर लगाम लगेगी — ज्ञानेन्द्र आनंद किशोर

नई दिल्ली में 16 मई को NETWORK-10 द्वारा ‘संत संसद’ कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से जुड़े अहम विषयों पर मंथन किया। इस विशेष आयोजन में सामाजिक समरसता, जातिवाद के दुष्प्रभाव, धर्मांतरण की चुनौतियां, तीर्थ स्थलों के विकास और भारत की आध्यात्मिक तथा आर्थिक शक्ति जैसे मुद्दों पर भी संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य संत समाज के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा। 

इस कार्यक्रम में ज्ञानेन्द्र आनंद किशोर महाराज भी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब संत समाज में निकलकर लोगों को ज्ञान देंगे तभी धर्मांतरण पर लगाम लगेगी। पहले समय में अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए संत लोग बाहर निकलते थे। लेकिन आजकल कई संत अपने आश्रम में ही बैठे रहते है। संत अगर पहले की तरह बाहर निकलेंगे और लोगों को दोबारा से ज्ञान देना प्रारंभ करेंगे तो जरूर ही धर्म परिवर्तन पर रोक लगेगी। क्योंकि गुरु का अगर मार्ग मिल जाए, संत की अगर कृपा हो जाए तो बड़े-बड़े राक्षस भी सुधर जाते है।