होली से पहले, राजस्थान के बीकानेर में अनोखी डोलची मार होली मनाई जाती है। इसे स्थानीय लोग ब्रज की लठमार होली के समान प्रतिष्ठित मानते हैं। ये परंपरा करीब 300 साल पुरानी है। इसमें पुरुष एक-दूसरे पर डोलची से पानी फेंकते हैं। ये प्रेम और एकता का प्रतीक है। इस होली का जन्म हर्ष और व्यास समुदायों के बीच विवाद सुलझने से हुआ था। अब हर्ष चौक पर मनाई जाने इस होली में हर साल हजारों लोग शामिल होते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी एक-दूसरे को गले लगाते हैं और गुलाल फेंकते हैं। ये संदेश है कि मतभेदों के बावजूद एकता और प्रेम की जीत होती है।