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योगी सरकार माफिया के सामने नहीं झुकती, बेटियों की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज को जाति के आधार पर बांटने वाले लोग माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के समय चुप हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार माफिया के सामने नहीं झुकती और अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा।

मुख्यमंत्री वाराणसी के पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई तीसरा रास्ता नहीं है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं बिना डर के घर से बाहर निकलेंगी, तभी वे शिक्षा, नौकरी, कारोबार और सामाजिक जीवन में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले परिवार बेटी को स्कूल भेजने से पहले उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। घर में शौचालय न होने पर महिलाओं के सम्मान की चिंता होती थी, रसोई के धुएं से स्वास्थ्य प्रभावित होता था और इलाज के लिए पैसे की चिंता रहती थी। उन्होंने कहा कि महिला घर से बाहर निकलकर कुछ करना चाहती थी तो उसके सामने रास्ते, कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर और उन तक पहुंचने की चुनौतियां थीं। ऐसे माहौल में सबसे पहले बेटियों के सपनों पर रोक लगती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले महिलाओं के मन से डर दूर किया, फिर उन्हें शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर काम किया। “पहले सवाल था कि बेटी घर से बाहर कैसे निकलेगी, आज सवाल यह है कि उसे जाना कहां तक है।” उन्होंने कहा कि अब कोई बेटी केवल गरीब परिवार में जन्म लेने की वजह से अपने सपनों को नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई गई है। 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 44 हजार हो गई है। नई भर्ती के बाद यह आंकड़ा 50 हजार से अधिक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र, महिला बीट पुलिस अधिकारी और इंटीग्रेटेड महिला बीट सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 और 181 जैसी सेवाओं को भी जोड़ा गया है।

इसके अलावा पीएसी में तीन महिला बटालियन स्थापित की जा रही हैं, जिन्हें वीरांगना अवंती बाई लोधी, वीरांगना ऊदा देवी पासी और वीरांगना झलकारी बाई के नाम से जाना जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं के लिए सड़क और परिवहन केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनके सपनों तक पहुंचने का माध्यम है। स्कूल, अस्पताल, बाजार और कार्यस्थल तक बेहतर कनेक्टिविटी महिलाओं के लिए नए अवसर खोलती है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में हाईवे, एयरपोर्ट, रेलवे और मेट्रो समेत कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से आवागमन आसान हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने बेटियों के जीवन के अलग-अलग चरणों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये का पैकेज दिया जा रहा है। वहीं, विवाह योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए बेटियों का विवाह कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 5 लाख से अधिक बेटियों के विवाह हो चुके हैं।

सीएम योगी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया जा रहा है। पहले ये विद्यालय कक्षा 6 से 8 तक संचालित होते थे, अब इन्हें कक्षा 12 तक चलाने की दिशा में काम हो रहा है। अटल आवासीय विद्यालयों में बेटियों के लिए 50 प्रतिशत सीटें रखी गई हैं और सैनिक स्कूलों में भी उनके लिए अवसर बढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना से जोड़ने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का मतलब सिर्फ शिक्षा और सुरक्षा नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता भी है। सरकार स्किल डेवलपमेंट मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना समेत विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही है। उन्होंने बताया कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत करीब 8 हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल एंटरप्रेन्योर तैयार किए जाएंगे, जिनमें 4 हजार महिला उद्यमी होंगी। ये महिलाएं गांवों में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व दिलाना है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं और इनमें लगभग आधे महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। महिलाएं अब केवल रोजगार लेने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बीसी सखी जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न मिल्क प्रोड्यूसर संस्थाओं के जरिए चार लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां हैं, जिनमें महिलाओं की बड़ी भागीदारी है। टेक्सटाइल और हथकरघा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में महिलाएं काम कर रही हैं।

सीएम योगी ने कहा कि आज महिलाएं स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, रोबोटिक्स, खेल और सेना जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी नया अवसर मिलेगा। इसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ की धरती काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है। उनके मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में काशी में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं या तो चल रही हैं या पूरी होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और घरौनी जैसी योजनाओं से महिलाओं को सम्मान और अधिकार मिला है। देश में करीब 3 करोड़ घरौनियां वितरित की गई हैं, जिनमें 1 करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश में हैं। इनमें महिलाओं को मालिकाना अधिकार दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1.10 करोड़ से अधिक बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। रक्षाबंधन पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को परिवहन निगम और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां परिवार की सबसे बड़ी ताकत हैं। अगर बेटी शिक्षित और सक्षम हो जाए तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा, अवसर और आत्मविश्वास देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम का आयोजन विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।