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यूपी में योगी सरकार की बड़ी पहल, होमस्टे नीति से पर्यटन को नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार की होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) नीति तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना के तहत अब तक प्रदेश में करीब 900 होमस्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिससे पर्यटन क्षेत्र को नया आयाम मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल बड़े शहरों या धार्मिक स्थलों तक पर्यटन को सीमित रखना नहीं है, बल्कि गांवों, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली को भी पर्यटन से जोड़ना है। होमस्टे नीति इसी सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से पर्यटक स्थानीय परिवेश, खानपान, संस्कृति और परंपराओं को करीब से अनुभव कर पा रहे हैं।

सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के अंतर्गत लोग अपने घरों के खाली कमरों को पर्यटकों के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। इससे पर्यटकों को होटल की तुलना में कम लागत पर बेहतर और घरेलू वातावरण मिलता है, वहीं मकान मालिकों की अतिरिक्त आय भी सुनिश्चित होती है। अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा-वृंदावन, चित्रकूट, कुशीनगर और आगरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होमस्टे की मांग तेजी से बढ़ी है। खासकर धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन में वृद्धि के बाद बड़ी संख्या में देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब स्थानीय अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पर्यटन विभाग के अनुसार, होमस्टे पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। सरकार द्वारा प्रशिक्षण, गुणवत्ता सुधार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे छोटे उद्यमियों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को विशेष लाभ मिल रहा है।

होमस्टे मॉडल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प, व्यंजन, लोककला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है। इससे प्रदेश में रोजगार सृजन के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बल मिल रहा है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ग्रामीण पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।