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अमेरिका-भारत ने मिशन 500 को पूरा करने के लिए मिलाया हाथ, आर्थिक तरक्की को मिलेगी रफ्तार

भारत और अमेरिका ने 2030 तक दोतरफा व्यापार को दोगुना से ज्यादा यानी 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों देशों ने टैक्स में कमी लाने और बाजार में पहुंच बढ़ाने के इरादे से द्विपक्षीय व्यापार समझौते का ऐलान भी कर दिया है।

वाशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बैठक के बाद जारी किए गए संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने विकास को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और आगे ले जाने का भी वादा किया। इससे दोनों देशों में निष्पक्षता, राष्ट्रीय सुरक्षा और रोजगार बढ़ना तय माना जा रहा है। 

संयुक्त बयान में कहा गया है कि 'मिशन 500' को साकार करने के लिए, भारत और अमेरिका 2025 के अंत तक दोनों देशों के लिए फायदेमंद बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले राउंड की बातचीत करेंगे। इस बीटीए को आगे बढ़ाने के लिए, अमेरिका और भारत माल और सेवा क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूती दे सकते हैं। संयुक्त बयान में दोनों देशों ने बाजार पहुंच बढ़ाने, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और सप्लाई चेन पर काम करने की बात कही है।

इसके अलावा, संयुक्त बयान में कहा गया है कि अमेरिका ने बोरबॉन, मोटरसाइकिल, सूचना और आईटी उत्पादों और धातुओं के क्षेत्रों में रुचि के अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने के भारत के हालिया फैसले की तारीफ की है। इसके अलावा अमेरिकी कृषि उत्पादों और चिकित्सा उपकरणों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के भारत के फैसलों का भी स्वागत किया है। दोनों पक्ष कृषि वस्तुओं का व्यापार बढ़ाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान, भारत और अमेरिका ने एक मिनी-व्यापार समझौते पर चर्चा की थी, लेकिन जो बाइडेन प्रशासन ने इसे स्थगित कर दिया था क्योंकि वो फ्री ट्रेड के पक्ष में नहीं था।