New Delhi: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने की मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि इसमें वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा शामिल है।
‘भारतीय ऊर्जा सप्ताह’ को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि लोग, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को ‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ (सबसे अहम समझौता) बता रहे हैं। इस समझौते ने 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ यूरोपीय लोगों के लिए भी कई अवसर उत्पन्न किए हैं।
प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ-भारत व्यापार समझौते पर सभी को बधाई दी और कहा, ‘‘मैं आपको एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में जानकारी दे रहा हूं कि सोमवार को भारत और यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।’’
मोदी ने कहा, ‘‘ यह विश्व की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता वैश्विक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है।’’ उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता, ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ हुए समझौतों का पूरक होगा। इससे वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला दोनों मजबूत होंगी। उन्होंने वस्त्र, रत्न-आभूषण, चमड़ा और चप्पल-जूते जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और सभी सहयोगियों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा और इससे न केवल भारत में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सेवा क्षेत्र का भी विस्तार होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया भर के हर व्यवसाय और हर निवेशक का भारत पर भरोसा बढ़ाएगा। भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी पर व्यापक रूप से काम कर रहा है।’’
द्विपक्षीय व्यापार, भारत-यूरोपीय संघ संबंधों का आधार स्तंभ है। 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया। भारत ने यूरोपीय संघ को 75.9 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान तथा सेवा क्षेत्र में 30 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया। दूसरी ओर यूरोपीय संघ ने भारत को 60.7 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान और सेवा क्षेत्र में 23 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया।