हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सख्त रुख अपनाए हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा है कि भारत इस हमले के गुनहगारों और उन्हें पनाह देने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा। उन्होंने ये भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो भारत गोली और बम का भी इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। भारत अभी बिना युद्ध किए भी पाकिस्तान को अलग-अलग तरीके से जवाब दे रहा है, जैसे कि पानी रोकना, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की पोल खोलना और उसे दुनिया के सामने बेनकाब करना। दरअसल, आधी रात को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एस. जयशंकर को फोन किया था। इस बातचीत में जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत अब पीछे नहीं हटेगा और जिसने भी इस हमले की साजिश रची है, उसे सजा जरूर दी जाएगी। भारत ने अपनी मंशा पूरी दुनिया को साफ-साफ बता दी है, और अब पाकिस्तान को कोई भी नहीं बचा सकता, न अमेरिका, न कोई और।
जयशंकर ने बताई भारत की मंशा, अमेरिका से बातचीत में दिया सख्त संदेश
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से पहलगाम आतंकी हमले को लेकर बात की है। इस बातचीत में जयशंकर ने साफ कहा कि इस हमले को अंजाम देने वालों, उनकी मदद करने वालों और साजिश रचने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। जयशंकर ने अपने पोस्ट में लिखा, कल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से पहलगाम आतंकी हमले को लेकर बातचीत हुई। दोषियों और उनके मददगारों को सख्त सजा जरूर मिलेगी। बताया जा रहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी फोन किया है। इससे साफ है कि भारत ने अपनी बात अमेरिका तक पहुंचा दी है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले के खिलाफ माहौल बन रहा है।
बातचीत में क्या हुआ, अमेरिका ने दी दोनों देशों को शांति की सलाह
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की बातचीत का मुख्य उद्देश्य था भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और युद्ध जैसी स्थिति से बचाना। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की। अमेरिका ने भारत को भरोसा दिलाया कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसके साथ खड़ा है। साथ ही, उसने पाकिस्तान से भी कहा कि वह पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में भारत का सहयोग करे। मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में इस हमले पर दुख जताया और हमदर्दी दिखाई। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बात करते हुए उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर सख्त लहजे में बात की और चेतावनी दी।