भारतीय सेना और सिंगापुर सशस्त्र बलों के बीच तीन दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास शनिवार को महाराष्ट्र के देवलाली शहर में फील्ड फायरिंग रेंज में संपन्न हुआ। 'अग्नि वॉरियर (एक्सएडब्ल्यू-2024)' के 13वें एडिशन में सिंगापुर सशस्त्र बलों की टुकड़ियों की भागीदारी देखी गई, जिसमें सिंगापुर आर्टिलरी के 182 कर्मी शामिल थे और भारतीय सेना की टुकड़ी में आर्टिलरी रेजिमेंट के 114 कर्मी शामिल थे।
इस द्विपक्षीय अभ्यास का मकसद संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत बहुराष्ट्रीय बल के रूप में काबिलियत हासिल करना और साथ ही दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच अभ्यास और प्रक्रियाओं की आपसी समझ को बढ़ावा देना था। अभ्यास में दोनों सेनाओं की तोपखाने ने संयुक्त मारक क्षमता योजना, निष्पादन और नई पीढ़ी के उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन किया गया।
इस कार्यक्रम को आर्टिलरी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अदोश कुमार, स्कूल ऑफ आर्टिलरी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. सरना और सिंगापुर सशस्त्र बल के मुख्य आर्टिलरी अधिकारी कर्नल ओंग चिउ पेर्नग ने देखा।
भारत-सिंगापुर संयुक्त सैन्य अभ्यास 'अग्नि वॉरियर' का महाराष्ट्र के नासिक में समापन हुआ
You may also like
रूस तक पहुंचा अयोध्या का वैभव, ‘रूसी राम’ पेचनिकोव की 100वीं जयंती पर मॉस्को में गूंजे राम के आदर्श.
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को मिलेगा इजराइल का सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार, विमान में यात्रियों की बचाई थी जान.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के नए हेलीपैड का किया उद्घाटन, मीडिया कवरेज को लेकर हुआ विवाद.
अमेरिका में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर में तकनीकी खराबी, सैकड़ों उड़ानें रद्द.