Breaking News

हॉकी इंडिया ने कोच सुधीर गोला को हटाया, भोपाल में चल रहे अंडर-18 कैंप के बीच एक्शन     |   इराक के नए प्रधानमंत्री अली फलीह कादिम अल-जैदी को PM मोदी ने दी बधाई     |   NEET पेपर लीक: NTA दफ्तर पर यूथ कांग्रेस का प्रोटेस्ट     |   सपा नेता आजम खान दोषी करार, अफसर से जूते साफ कराने का दिया था बयान     |   प्रतीक यादव की अस्थियां लेकर आज हरिद्वार पहुंचेगा यादव परिवार, VIP घाट पर होगा विसर्जन     |  

अब अमेरिकी नागरिकता पाना हो जाएगा और मुश्किल, ट्रंप प्रशासन ने की नई व्यवस्था

अमेरिका में नागरिकता हासिल करना अब और कठिन हो जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को घोषणा की कि नागरिकता परीक्षा (सिटिजनशिप टेस्ट) को कठिन बनाया जाएगा। इसमें ज्यादा जटिल सवाल होंगे और आसान सवालों की संख्या कम कर दी जाएगी।

नया नियम कब से लागू होगा?
20 अक्टूबर या उसके बाद आवेदन करने वालों को यह नया टेस्ट देना होगा। आवेदकों को परीक्षा पास करने के लिए 2 मौके मिलेंगे। दोनों बार असफल होने पर आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू करनी होगी।

क्या बदलेगा टेस्ट में?
अब तक आवेदकों को 10 सवालों में से 6 के सही जवाब देने होते थे। लेकिन नए नियम के तहत 20 सवालों में से कम से कम 12 सही जवाब देना जरूरी होगा।

ट्रंप बनाम बाइडन का रुख
ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले कार्यकाल के अंत में भी ऐसा बदलाव किया था, जो दिसंबर 2020 से अप्रैल 2021 तक लागू रहा। लेकिन बाद में बाइडन प्रशासन ने इसे खत्म करके टेस्ट को फिर आसान कर दिया था। अब इसे फिर से कठिन बनाया जा रहा है।

क्यों हो रहा बदलाव?
सीआइएस के प्रवक्ता मैथ्यू ट्रैगेसर ने कहा कि यह बदलाव सुनिश्चित करेगा कि नए नागरिक अमेरिका की "महानता" में योगदान दें। वहीं, सीआइएस के निदेशक जोसेफ एडलो ने पहले कहा था कि मौजूदा परीक्षा बहुत आसान है और इसे कठिन बनाना ज़रूरी है।

नागरिकता परीक्षा का इतिहास

अमेरिका 1900 से किसी न किसी रूप में नागरिकता परीक्षा आयोजित करता आ रहा है।

1950 के "आंतरिक सुरक्षा अधिनियम" ने अमेरिकी इतिहास और नागरिक शास्त्र की जानकारी को नागरिकता के लिए अनिवार्य बना दिया।

अभी तक इस परीक्षा की पास रेट 91% है।