Breaking News

अजित पवार गुट की NCP में बड़ा फैसला - सुनेत्रा पवार राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की उम्मीदवार तय     |   स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर कल इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई     |   केरल: अय्यप्पा स्वामी मंदिर में तोड़फोड़ और नमाज पढ़ने के आरोप में व्यक्ति की पिटाई     |   नाबालिगों ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जल्द होगी पूछताछ     |   आठवीं की किताब में न्यायपालिका अध्याय पर NCERT ने जताया खेद     |  

चीनी सेना को ट्रेनिंग देने के आरोप में पूर्व अमेरिकी एयर फोर्स पायलट गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी

अमेरिका के एक पूर्व एयरफोर्स अधिकारी को चीनी सैन्य पायलटों को बिना अनुमति के रक्षा सेवाएं देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जेराल्ड एडी ब्राउन जूनियर पर आरोप है कि उन्होंने लाइसेंस के बिना चीन के पायलटों को कॉम्बैट विमानों की ट्रेनिंग दी। यह मामला आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट के गंभीर उल्लंघन और अवैध रक्षा सेवा से जुड़ा हुआ है। उनकी इस संदिग्ध गतिविधि के कारण अब वे संघीय जांच एजेंसियों के घेरे में आ गए हैं।

जेराल्ड ब्राउन को ‘रनर’ के नाम से भी जाना जाता है और उन पर विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक अगस्त 2023 से उन्होंने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पायलटों को युद्धक विमानों की ट्रेनिंग देने की योजना बनाई थी। इस तरह की ट्रेनिंग देना अंतरराष्ट्रीय हथियारों के नियमों के तहत सख्त लाइसेंस के दायरे में आता है।

ब्राउन ने अमेरिकी वायुसेना में लगभग 24 वर्षों तक अपनी सेवा दी थी और वे 1996 में मेजर के पद से रिटायर हुए थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने एफ-15 ईगल और एफ-16 फाइटिंग फाल्कन जैसे कई अत्याधुनिक और शक्तिशाली लड़ाकू विमान उड़ाए थे। रिटायरमेंट के बाद वे एक कॉन्ट्रैक्ट सिमुलेटर इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम कर रहे थे।

जांचकर्ताओं का मानना है कि दिसंबर 2023 में ब्राउन ने चीन की यात्रा की और वहां के सैन्य पायलटों को गोपनीय प्रशिक्षण दिया। वे फरवरी 2026 में अमेरिका लौटे जिसके तुरंत बाद उन्हें कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अपनी हिरासत में ले लिया। उनकी पहली अदालती पेशी साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ इंडियाना में मजिस्ट्रेट जज के सामने होनी तय हुई है।

अमेरिकी कानून के अनुसार रक्षा सेवाओं की ट्रेनिंग देने के लिए सरकार से विशेष अनुमति और अनिवार्य लाइसेंस लेना आवश्यक होता है। ब्राउन के पास ऐसा कोई लाइसेंस नहीं था फिर भी उन्होंने PRC सैन्य पायलटों को उन्नत युद्ध कौशल सिखाया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए FBI और एयरफोर्स ऑफिस ने संयुक्त जांच शुरू की है।

जेराल्ड ब्राउन ने अपने कार्यकाल में एफ-4 फैंटम और ए-10 थंडरबोल्ट जैसे विमानों को चलाने का व्यापक अनुभव प्राप्त किया था। इन विमानों की तकनीक और रणनीतिक कौशल को दुश्मन देशों के साथ साझा करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है। अमेरिकी सरकार अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसमें और कौन शामिल है।

इस गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है क्योंकि यह एक अनुभवी अधिकारी के विश्वासघात से जुड़ा मामला है। चीन और अमेरिका के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबंधों के कारण इस घटना को बहुत ही संवेदनशीलता से देखा जा रहा है। यदि दोष सिद्ध होता है तो ब्राउन को कई वर्षों की जेल की सजा हो सकती है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी निगरानी और अधिक सख्त कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र से जुड़े पूर्व अधिकारियों द्वारा विदेशी शक्तियों को दी जाने वाली कोई भी सहायता जांच के दायरे में है। ब्राउन की गिरफ्तारी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण और कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

यह मामला दर्शाता है कि किस तरह अनुभवी सैन्य विशेषज्ञ आर्थिक लाभ के लिए राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता कर सकते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय अब अपने पूर्व कर्मचारियों के लिए नए दिशा-निर्देश और सख्त नियम बनाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। जेराल्ड ब्राउन फिलहाल जेल में हैं और अपनी कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।

चीनी सेना को अमेरिकी विमानों की युद्ध शैली और कमजोरियों की जानकारी मिलना एक बहुत बड़ी रणनीतिक चूक साबित हो सकती है। संघीय अभियोजकों ने अदालत से आग्रह किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत की शर्तों को सख्त रखा जाए। आने वाले हफ्तों में इस साजिश के और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

यह घटना उन सभी सैन्य अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी विशेषज्ञता का उपयोग अवैध तरीके से करते हैं। कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा चाहे उसका पिछला रिकॉर्ड कितना भी शानदार क्यों न हो। जेराल्ड ब्राउन का मामला अब अमेरिकी अदालती इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।