गाजा में इजराइली हमलों में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई। इजराइल पर संघर्ष विराम का अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है, हालांकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू युद्ध जारी रखने पर अड़े हुए हैं। अल-अवदा अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, मृतकों में नुसेरात शरणार्थी शिविर के एक घर में रह रहे एक ही परिवार के नौ लोग शामिल हैं। शव अल-अवदा अस्पताल लाए गए थे। नासिर अस्पताल अनुसार, विस्थापितों के लिए बने एक तंबू पर हुए हमले में पांच अन्य लोग मारे गए। इजराइल की सेना ने कहा कि उसे दक्षिणी गाजा में शनिवार को गोलीबारी में किसी के मारे जाने की जानकारी नहीं है और उसने हवाई हमलों के बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
गाजा शहर के शिफा अस्पताल के निदेशक ने बताया कि वहां की चिकित्सा टीम इस बात को लेकर चिंतित है कि इजराइली टैंक अस्पताल के आसपास पहुंच रहे हैं, जिससे उस अस्पताल तक पहुंच बाधित हो रही है, जहां 159 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। डॉ. मोहम्मद अबू सेल्मिया ने कहा, ‘‘बमबारी एक पल के लिए भी नहीं रुकी।" उन्होंने बताया कि हेलोऊ अस्पताल में समयपूर्व जन्मे 14 शिशुओं का इनक्यूबेटर में उपचार किया जा रहा है।
हालांकि, वहां नवजात गहन देखभाल के प्रमुख डॉ. नासिर बुलबुल ने कहा कि अस्पताल का मुख्य द्वार भवन के ऊपर उड़ रहे ड्रोन के कारण बंद कर दिया गया था। इससे कुछ घंटे पहले नेतन्याहू ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कहा था कि इजराइल को गाजा में हमास का खात्मा करना है।
इजराइल के अलग-थलग पड़ने के कारण उसपर युद्ध को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने का फैसला करने वाले देशों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि, इजराइल ने इस मान्यता को खारिज कर दिया है। विभिन्न देश अमेरिकी राष्ट्रपति से अनुरोध कर रहे हैं कि वह इजराइल पर संघर्ष विराम का दबाव डालें। शुक्रवार को ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा था कि उन्हें लगता है कि अमेरिका गाजा में संघर्ष विराम करवाने के करीब पहुंच गया है, जिसके तहत बंधकों की वापसी होगी और युद्ध खत्म होगा। ट्रंप और नेतन्याहू सोमवार को मुलाकात करेंगे।
ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा था कि गाजा को लेकर पश्चिम एशिया के देशों के साथ सकारात्मक और गहन बातचीत जारी है। अल-अहली अस्पताल के अनुसार शनिवार सुबह हुए हमलों में गाजा शहर के तुफाह इलाके में एक घर ध्वस्त हो गया, जिसमें कम से कम 11 लोग मारे गए। अस्पताल के अनुसार, मरने वालों में से आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे थे। शिफा अस्पताल के अनुसार, शाती शरणार्थी शिविर में घरों पर हुए हवाई हमले में चार अन्य लोग मारे गए। नासिर और अल अवदा अस्पतालों के अनुसार, दक्षिणी और मध्य गाजा में सहायता की तलाश में निकले छह अन्य फलस्तीनी इजरायली गोलीबारी में मारे गए।
गाजा में हवाई हमलों में 44 लोगों की मौत, इजराइल ने संघर्ष विराम की मांग को किया नजरंदाज
You may also like
ऑस्ट्रेलियाई के प्रधानमंत्री अल्बानीज ने एक निजी समारोह में शादी की.
श्रीलंका ने आपदा राहत कार्यों से निपटने के लिए आपातकाल की घोषणा की.
डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के दिए संकेत, क्या कहता है अमेरिका का संविधान?.
श्रीलंका के कई जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही, जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त.