Breaking News

गोवा से दिल्ली आ रही IndiGo की फ्लाइट का इंजन फेल     |   SCO समिट में 30 से ज्यादा अहम दस्तावेजों पर मुहर, AI से ऊर्जा सुरक्षा तक कई समझौते     |   राम मंदिर के पहले CEO के चयन की प्रक्रिया तेज, 3 सदस्यीय कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट     |   संभल शाही जामा मस्जिद सर्वे विवाद पर SC में सुनवाई टली, अब 8 सितंबर को होगी सुनवाई     |   BRICS 2026 कारकेड रिहर्सल को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी     |  

युवा शक्ति ही राष्ट्र की प्रगति की ताकत, गोरखपुर में बोले CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को युवा शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा ही राष्ट्र की प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शब्दों को याद किया, जिन्होंने कहा था, “यदि मुझे 100 ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो मैं भारत की तकदीर बदल सकता हूं।” उन्होंने कहा कि यह कथन युवाओं की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि इन सभी वीरों ने युवा अवस्था में ही देश के लिए महान बलिदान दिए। उन्होंने कहा, “भारत में युवा शक्ति हमेशा सत्य, सनातन और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जुड़ी रही है। दुनिया भाग्यशाली है और भारत के भीतर उत्तर प्रदेश सबसे अधिक भाग्यशाली है, जहां सबसे अधिक युवा ऊर्जा मौजूद है।” उन्होंने इस जनसांख्यिकीय ताकत को देश के भविष्य निर्माण में बेहद अहम बताया।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समानता के लिए उनके योगदान की सराहना की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय के पुरोधा, पूर्व उप प्रधानमंत्री और जननायक बाबू जगजीवन राम जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज के वंचित, शोषित और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूत किया और समान अवसर एवं सामाजिक समरसता के लिए निरंतर संघर्ष किया।” उन्होंने आगे कहा, “उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलकर समाज को और अधिक न्यायपूर्ण बनाया जा सकता है।”