उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों की स्वास्थ्य और आर्थिक जरूरतें भी बढ़ जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए योगी सरकार वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को आश्रय के साथ स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा भी उपलब्ध करा रही है। समाज कल्याण विभाग वृद्धाश्रमों में रहने वाले पात्र बुजुर्गों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ रहा है।
प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में वर्तमान में 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें से पात्र 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा 4,901 पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है। पात्र महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन योजना से भी जोड़ा जा रहा है।
सम्मानजनक जीवन सरकार की प्राथमिकता
समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि वृद्धजनों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिले, इसके लिए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बुजुर्गों को जरूरत के समय इलाज और आर्थिक सहायता दोनों मिल सकें।
आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुरक्षा
समाज कल्याण विभाग का फोकस वृद्धाश्रमों में रहने वाले पात्र बुजुर्गों को आयुष्मान योजना से जोड़ने पर है। आयुष्मान कार्ड के जरिए पात्र बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए पात्र लोगों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
वहीं, आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 4,901 पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है। इससे वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त सहारा मिल रहा है।
योजनाओं से जोड़ने पर जोर
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि पात्र बुजुर्गों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। आधार कार्ड समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में अब तक 1,073 नए बुजुर्गों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि वृद्धाश्रमों में रहने वाले पात्र बुजुर्गों को आश्रय के साथ स्वास्थ्य, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।