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वक्फ बोर्ड में बदलाव की जरूरत क्यों? जानिए पूरा मामला

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल जिसको लेकर बवाल मचा हुआ. संसद में भी और संसद के बाहर भी, पुरा विपक्ष इस बिल के विरोध में लामबंद हो गया है. जहां इसी बवाल के बीच 8 अगस्त को अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को सदन में पेश किया. विपक्ष इस दौरान हंगामे पर अड़ा रहा और लगातार विरोध जताता रहा. लेकिन इस पुरे संग्राम के बीच सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर इस संशोधन की क्या जरूरत थी, जिसका जवाब हम आपको बताएगें 

संशोधन बिल की जरूरत क्यों ? 
दरअसल वक्फ बोर्ड एक्ट 1995 के एक सेक्शन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. और वो सेक्शन है. 40वां सेक्शन जोकि बेहद विवादित है. तो अब  आपको बताते है कि आखिर कि आखिर 40वां सेक्शन क्या कहता है. दरअसल इस सेक्शन के मुताबिक अगर वक्फ बोर्ड को लगता है कि किसी संपत्ति पर वक्फ बोर्ड का हक है तो वक्फ बोर्ड खुद इस संपत्ति के बारे में जानकारी इकट्ठा कर सकता है और खुद ही फैसला भी सुना सकता है. जिसके चलते विवाद देखने को मिलता है. 

अगर किसी व्यक्ति को वक्फ बोर्ड के फैसले से एतराज होता है तो उसे वक्फ बोर्ड ट्रब्यूनल जाना होगा. वहां जाकर उसे आवेदन करना होगा. जिसके बाद अंतिम फैसला ट्रब्यूनल का ही माना जाएगा और अगर इसके बाद भी समाधान नहीं मिलता है तो व्यक्ति फिर कोर्ट जा सकता है लेकिन वे प्रक्रिया इतनी ज्यादा जटिल है कि लोग थक जाते हैं. इन्हीं विवादों के चलते सरकार की ओर से ये महसूस किया गया कि वक्फ बोर्ड में कुछ बदलाव जरूरी हैं.