केंद्रीय बजट 2024-25 में बिहार को विशेष पैकेज मिलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रसन्न और उनके करीबी उत्साहित हैं, जबकि विपक्षी दल हमलावर हैं. विपक्षी दलों ने सरकार पर बजट में दो राज्यों के आगे अन्य राज्यों की घोर अनदेखी का आरोप लगाया है. लेकिन बहुत कम लोगों ने इस बात पर ध्यान दिया होगा कि स्पेशल पैकेज में नीतीश कुमार के प्रभाव क्षेत्रों के आगे बिहार के ही कई अहम क्षेत्रों की अनदेखी की गई है.
नीतीश कुमार फिलहाल करीब 59 हजार करोड़ के विशेष पैकेज के आगे विशेष राज्य के दर्जे की मांग को भूल भी गए हैं. उन्होंने अपनी इस पुरानी मांग को अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया है. बिहार स्पेशल पैकेज में ज्यादातर उन क्षेत्रों पर फोकस किया गया है, जिसे नीतीश कुमार या उनके समर्थकों का गढ़ कहा जाता है. बिहार के कई अहम क्षेत्र बजट में जगह नहीं पा सके हैं या कि उधर जरूरत के मुताबिक ध्यान नहीं दिया गया है.