प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली, और मोदी 3.0 फिर से सत्ता में आई. 18वीं लोकसभा के गठन के बाद अब सबकी निगाहें मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट पर टिकी हुई है...इस बजट से बहुत से लोगों की उम्मीदें जुड़ी हुई है, केंद्रीय बजट 2024 भारत के आर्थिक कैलेंडर की सबसे प्रमुख घटनाओं में से एक है.यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जायेगा जो आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की वित्तीय योजनाओं और नीतियों की रूपरेखा तय करेगा.
23 जुलाई को बजट पेश होने वाला है, ऐसे में सबकी नज़र केंद्रीय बजट 2024 पर है, खासकर मध्यम वर्ग की बात करे तो, इस वर्ग को बजट से काफी आशाएं है, यह बजट सबकी उम्मीदों का बजट है.तो वही, केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि में योगदान करने के लिए अभी न्यूनतम वेतन 15,000 रुपये है. जिसे बजट में बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जा सकते हैं. इस प्रस्ताव को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने तैयार किया है. जिससे जुड़ा ऐलान 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में हो सकता है.
पूर्ण केंद्रीय बजट 2024 के करीब आने के साथ, ऑटो उद्योग की उम्मीदें भी बढ़ने लगी. भारतीय ऑटो उद्योग सरकार से कुछ ऐसे उपाय करने की मांग कर रहा है, जो उसे बहुत जरूरी राहत दे सकें.इनके साथ ही, पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में जूट मिल मजदूरों को उम्मीद है कि सरकार केंद्रीय बजट में जूट उद्योग में नई जान फूंकने के लिए अहम कदम उठाएगी.जूट उद्योग का कहना है, सरकार बजट में ऐसे उपाय करे जिससे जूट मिलों को ज्यादा ऑर्डर मिले और उन्हें ज्यादा काम मिल सके।