केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने कुल 4,703 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें अहमदाबाद मेट्रो विस्तार और आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में कार्यालय व आवासीय परिसर का निर्माण शामिल है। कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो फेज-2A के विस्तार को मंजूरी दी है। इसके तहत कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 6 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- परियोजना की लागत: 2,169 करोड़ रुपये
- निर्माण अवधि: 4 वर्ष
- स्टेशन: 4 एलिवेटेड और 1 भूमिगत स्टेशन
इस विस्तार के बाद अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 78 किलोमीटर हो जाएगी। यह परियोजना 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखकर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे अहमदाबाद, गांधीनगर और GIFT सिटी से एयरपोर्ट तक बेहतर और तेज़ कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही रेलवे, बुलेट ट्रेन और बस टर्मिनलों से भी बेहतर जुड़ाव होगा। परियोजना से करीब 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
कैबिनेट ने अमरावती में सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस एकोमोडेशन बनाने को भी मंजूरी दी है।
- लागत: 1,299 करोड़ रुपये
- क्षेत्रफल: 5.53 एकड़
- निर्मित क्षेत्र: 23.25 लाख वर्ग फुट
इस परिसर में केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो फिलहाल विजयवाड़ा और गुंटूर से संचालित हो रहे हैं। अमरावती में ही केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा आवासीय परिसर भी बनाया जाएगा।
- लागत: 1,235 करोड़ रुपये
- क्षेत्रफल: 17 एकड़
- कुल आवास: 1,504 फ्लैट
- निर्मित क्षेत्र: 31.3 लाख वर्ग फुट
सरकार का कहना है कि अमरावती में फिलहाल किराए के पर्याप्त मकान उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए यह परियोजना वहां तैनात केंद्रीय कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को पूरा करेगी। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से अमरावती को प्रशासनिक राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज होगी। वहीं अहमदाबाद में एयरपोर्ट मेट्रो लिंक से यातायात आसान होगा और शहर के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।