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पालघर में एक घंटे के भीतर भूकंप के दो झटके, दोनों की तीव्रता 3.4; कोई नुकसान नहीं

महाराष्ट्र के पालघर जिले में सोमवार रात एक घंटे के भीतर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। दोनों झटकों की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई। लगातार दो बार धरती हिलने से स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, पहला भूकंप रात 10 बजकर 04 मिनट पर महसूस किया गया। इसके करीब एक घंटे बाद रात 11 बजे फिर 3.4 तीव्रता का भूकंप आया। दोनों झटकों का केंद्र जव्हार तालुका में जमीन से करीब पांच किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि दोनों भूकंपों का केंद्र जव्हार तालुका में था। अधिकारियों के मुताबिक, जिले में किसी भी इमारत के क्षतिग्रस्त होने या किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय शांत रहने और भूकंप के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है। मुंबई से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित पालघर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। पिछले महीने भी जिले में तीन बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे।

भूकंप के दौरान घबराने के बजाय शांत रहना बेहद जरूरी है। झटके महसूस होने पर अचानक भागने के बजाय आसपास के सुरक्षित स्थान का सहारा लें। यदि आप घर के अंदर हैं तो झटकों के दौरान वहीं सुरक्षित रहें और स्थिति सामान्य होने तक बाहर निकलने की जल्दबाजी न करें।

घर के अंदर हों तो

जमीन पर झुकें और किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लें। उसे मजबूती से पकड़कर तब तक वहीं रहें, जब तक झटके रुक न जाएं। अगर मेज या डेस्क उपलब्ध न हो तो अपने सिर और चेहरे को बाजुओं से ढकें और कमरे के किसी सुरक्षित कोने में बैठ जाएं। खिड़कियों, शीशों, दरवाजों और बाहरी दीवारों से दूर रहें। लाइट, पंखे, अलमारी या ऐसी किसी भी वस्तु से दूर रहें, जो गिरकर चोट पहुंचा सकती है। झटके खत्म होने के बाद ही सावधानीपूर्वक बाहर निकलें और सीढ़ियों का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें।

घर से बाहर हों तो

अगर आप खुले स्थान पर हैं तो वहीं रहें और इमारतों, पेड़ों, स्ट्रीट लाइट, बिजली के खंभों और तारों से दूर चले जाएं। इमारतों के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवारों के पास खड़े न हों, क्योंकि भूकंप के दौरान गिरने वाली दीवारों, शीशों और अन्य वस्तुओं से सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है। खुले और सुरक्षित स्थान पर तब तक रहें, जब तक भूकंप के झटके पूरी तरह रुक न जाएं।

वाहन में हों तो

वाहन चला रहे हैं तो सुरक्षित जगह देखकर धीरे-धीरे गाड़ी रोकें और वाहन के अंदर ही रहें। बिल्डिंग, पेड़, ओवरपास, पुल और बिजली या टेलीफोन के तारों के नीचे वाहन खड़ा न करें। झटके रुकने के बाद ही आगे बढ़ें और क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, रैंप या अन्य संरचनाओं से बचें। सड़क पर मलबा या किसी तरह की क्षति दिखाई दे तो वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग अपनाएं। भूकंप के बाद भी आफ्टरशॉक आ सकते हैं, इसलिए शुरुआती झटकों के बाद भी सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों से संपर्क करें।