झारखंड के लातेहार जिले में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा समेत दो माओवादी मारे गए। मुठभेड़ में एक माओवादी और एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी अवध सिंह को बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए रांची ले जाया गया। इस पुलिस अभियान के दौरान झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के प्रमुख लोहरा और संगठन के उप-क्षेत्रीय कमांडर प्रभात गंझू को मार गिराया गया।
लोहरा पर 10 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा संगठन का उप-क्षेत्रीय कमांडर प्रभात गंझू पर पांच लाख रुपये का इनाम था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लातेहार थाना क्षेत्र के इचाबार वन क्षेत्र में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
पलामू के डीआईजी वाई.एस. रमेश ने कहा, "पप्पू लोहारा, जो जेजेएमपी के सुप्रीमो थे और प्रभात गंझू जो सब-कमांडर जेजेएमपी के थे। तो दोनों मुठभेड़ में मारे गए और एक घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इन दोनों के विरूद्ध दोनों, जो पप्पू लोहरा था। उसके खिलाफ एक दर्जन केस थे।"
ऑपरेशन के दौरान घायल हुए समूह के सदस्य आशीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। रमेश ने बताया कि बाद में की गई तलाशी के दौरान एक इंसास राइफल बरामद की गई। अधिकारियों ने बताया कि जंगल में लोहरा और उसके साथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर लातेहार के एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में सुरक्षाकर्मियों की एक टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया।
ऑपरेशन में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "जैसे ही माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों को देखा, उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। टीम ने भी जवाबी कार्रवाई की।" लोहरा लोहरदगा, गुमला, चतरा, पलामू और लातेहार जैसे कई जिलों में हत्या, जबरन वसूली और आगजनी सहित 98 मामलों में वांछित था।
रमेश के अनुसार गंझू 15 मामलों में वांछित था। दोनों कथित तौर पर सितंबर 2021 में एक ऑपरेशन के दौरान झारखंड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार की हत्या में शामिल थे। पलामू के आईजी सुनील भास्कर ने इस घटनाक्रम को कानून प्रवर्तन के लिए एक "बड़ी सफलता" बताते हुए राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाते हुए शेष माओवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की।