सोने की कीमत आसमान छू रही है। कीमत देख कर न सिर्फ व्यापारी, जौहरी और जानकार, बल्कि सोना के खरीदार भी हैरान हैं। सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम एक लाख रुपये से कुछ ही कम है। दरअसल सोने की कीमत शायद ही गिरती है। अमूमन ये चढ़ती ही है, लेकिन इस बार कीमत तेजी से चढ़ी है। खास कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आयात पर नए टैरिफ के ऐलान के बाद, जो लगभग हर देश के लिए है। दिल्ली समेत देश भर के जौहरियों को शिकायत है कि शादी के मौसम के बावजूद बिक्री कम हो रही है।
सोने की कीमत में इजाफा की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की भी आशंका है। दुनिया भर के निवेशक दूसरी परिसंपत्तियों के मुकाबले सोने को स्थिर मानते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि सोने की मांग हमेशा बढ़ेगी, लिहाजा कीमत भी बढ़ेगी।
जानकारों के मुताबिक दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी सोने की खरीद कर रहे हैं, ताकि आशंकित वैश्विक मंदी का सामना किया जा सके। सोने के कारोबार से जुड़े लोग सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना नकारते रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक मंदी की हालत में भी सोना सुरक्षित निवेश रहेगा।
सोने की बढ़ती कीमतें और उसके चलते बाजार में उतार-चढ़ाव स्पष्ट रूप से मौजूदा आर्थिक माहौल में खरीदारों और विक्रेताओं दोनों के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक सोने की कीमत बढ़ने से मार्च में सोने का आयात 192.13 फीसदी बढ़कर 4.47 बिलियन डॉलर हो गया।