पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कही बातें कही। जहां पूरा देश आजादी दिवस मना रहा है, वहीं पीएम ने भी तिरंगा फहराया और बोले कि, "हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर चर्चा की है। अनेक बार आदेश दिए हैं क्योंकि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है और उसमें सच्चाई भी है कि जिस सिविल कोड को लेकर हम जी रहे हैं वो सिविल कोड सचमुच में तो एक प्रकार का कम्युनल सिविल कोड है।
भेद-भाव करने वाला सिविल कोड है, ऐसे सिविल कोड से जब संविधान के 75 वर्ष मना रहे हैं और संविधान की भावना भी जो कहती है हमें करने के लिए, देश की सुप्रीम कोर्ट भी हमें कहती है करने के लिए और तब जो संविधान निर्माताओं का सपना था उस सपने को पूरा करना हमारा दायित्व है। मैं मानता हूं कि इस गंभीर विषय पर देश में चर्चा हो, व्यापक चर्चा हो, हर कोई अपने विचारों को लेकर आए और उन कानूनों को, जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं,
जो ऊंच-नीच का कारण बन जाते हैं ऐसे कानूनों का आधुनिक समाज में कोई स्थान नहीं हो सकता और इसलिए मैं तो कहूंगा अब समय की मांग है कि अब देश में एक सेक्युलर सिविल कोड हो। हमने कम्युनल सिविल कोड में 75 साल बिताए हैं, अब हमें एक सेक्युलर सिविल कोड की तरफ जाना होगा और तब जाकर देश में धर्म के आधार पर जो भेद-भाव हो रहे हैं, सामान्य नागरिक को जो दूरी महसूस होती है उससे हमें मुक्ति होती है।"