Breaking News

मनी लॉन्ड्रिंग: ED ने पैनकार्ड क्लब्स और अन्य की ₹646.58 करोड़ की संपत्ति जब्त की     |   गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आग लगने की घटना का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया     |   UP: मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की     |   बीजेपी ने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा की नई प्रदेश टीम का ऐलान किया     |   PM मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, बहादुरी की सराहना     |  

यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर दिखी प्रदेश की समृद्ध विरासत

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के चौथे दिन कारोबार और उद्योग के साथ प्रदेश की कला और संस्कृति भी आकर्षण का केंद्र रही। सांस्कृतिक मंच पर देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने लोक और शास्त्रीय परंपराओं की विविधता को अपनी प्रस्तुतियों के जरिए सामने रखा।

वाराणसी के पद्मश्री पंडित शिवनाथ मिश्र ने सितार की प्रस्तुति देकर दर्शकों को शास्त्रीय संगीत की मधुर धुनों से रूबरू कराया। वहीं लखनऊ की सबीना सैफी ने सुगम संगीत की प्रस्तुति से माहौल को संगीतमय बना दिया।

नोएडा की निशा केसरी ने कथक की प्रस्तुति दी। उनके नृत्य में शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं और लयकारी की झलक देखने को मिली। वहीं पीलीभीत के राजनेश राणा ने पारंपरिक थारू जनजातीय नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रदेश की लोक और जनजातीय संस्कृति को मंच पर जीवंत किया।

कार्यक्रम में सूफी बैंड की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। संगीत की अलग-अलग शैलियों से सजी प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक मंच को विविध रंगों से भर दिया। यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कार्यक्रमों ने व्यापार और उद्योग के इस बड़े आयोजन को कला, संस्कृति और परंपरा से जोड़ा। देश-विदेश से आए आगंतुकों और प्रदर्शकों को उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिला।

इन प्रस्तुतियों के जरिए यूपीआईटीएस में प्रदेश की लोक कला, शास्त्रीय संगीत, नृत्य और जनजातीय परंपराओं को व्यापक मंच मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन के व्यापारिक स्वरूप के साथ उत्तर प्रदेश की रचनात्मक और सांस्कृतिक पहचान को भी सामने रखा।