Breaking News

‘24 मार्च को होंगे पार्लियामेंट के लिए चुनाव’, डेनमार्क के प्रधानमंत्री का ऐलान     |   IND vs ZIM T20 WC: चेन्नई में ज‍िम्बाब्वे ने जीता टॉस, भारत की पहले बल्लेबाजी     |   महाराष्ट्र: सुनेत्रा अजित पवार को सर्वसम्मति से NCP का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया     |   भारत और इजरायल के बीच शिक्षा और AI से जुड़े समझौते हुए     |   पीएम मोदी का इजरायल दौरा: भारत और इजरायल के बीच कई समझौते हुए     |  

पूरी दुनिया ने AI Impact Summit में भारत की क्षमता की तारीफ की, AI समिट पर बोले PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट की सफलता को लेकर कहा है कि पूरी दुनिया ने इस ऐतिहासिक समिट में भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की। इसे लेकर पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली में हुए ऐतिहासिक एआई समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में 55 सेकंड का एक वीडियो भी शेयर किया। इस वीडियो में बताया गया कि अज्ञात ज्ञान को खोजने के लिए प्रयोग और अनुसंधान आवश्यक है। ज्ञात तथ्यों पर निर्णय और विश्लेषण शोध की शुरुआत है, और अनुभव एवं अवलोकन से ही वह ज्ञान सत्यापित होता है। बता दें कि रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने एआई समिट की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें दुनिया ने भारत की अद्भुत क्षमताएं देखी हैं। उन्होंने कहा कि एआई की शक्ति के उपयोग की दिशा में यह समिट एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुई है।

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में हुई ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप सेक्टर से जुड़े लोग इस समिट के लिए भारत मंडपम में एकत्र हुए। आने वाले समय में एआई की शक्ति का उपयोग दुनिया किस प्रकार करेगी, इस दिशा में यह समिट एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई है।

पीएम मोदी ने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा, “समिट में मुझे वैश्विक नेताओं और टेक सीईओ से मिलने का भी अवसर मिला। एआई समिट की प्रदर्शनी में मैंने वैश्विक नेताओं को ढेर सारी चीजें दिखाईं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया भर के लीडर्स ये देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे एआई की मदद से हम हमारे प्राचीन ग्रंथों और हमारे प्राचीन ज्ञान को हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं और आज की पीढ़ी के अनुरूप ढाल रहे हैं।