उत्तराखंड शासन ने राज्य की ग्लेशियर झीलों की निगरानी और सुरक्षा के लिए 'वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी' को नोडल विभाग नियुक्त किया है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, संस्थान आईएमडी, सीडब्ल्यूसी और एनआईएच जैसे केंद्रीय संस्थानों के साथ मिलकर राज्य की करीब 1200 झीलों का अध्ययन करेगा। इनमें से 13 अति-संवेदनशील झीलों पर विशेष फोकस रहेगा, जहां सेंसर और सायरन लगाने की योजना है। वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत ने बताया कि ऑपरेशनल स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है, ताकि संभावित आपदाओं के खतरों को कम करने के लिए समय रहते प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
उत्तराखंड के ग्लेशियर झीलों की निगरानी करेगा वाडिया इंस्टीट्यूट, शासन ने बनाया नोडल विभाग
You may also like
2027 में हार के डर से घबराई हुई है सपा, अखिलेश यादव एसी में बैठकर करते हैं राजनीति: दानिश आजाद अंसारी.
दीपोत्सव में रामयंत्र की धुन से बढ़ी छोटे कारोबारियों की कमाई, आस्था बनी आजीविका का आधार.
धनतेरस पर 1.42 करोड़ बच्चों की थाली में परोसा गया हलवा, योगी सरकार ने त्योहार की खुशियां कीं साझा.
ओडीओपी बना आत्मनिर्भरता का मॉडल, दीपावली पर यूपी के स्थानीय कारोबार को मिल रही मजबूती.