तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के खिलाफ मानहानि का एक मामला खारिज कर दिया। ये मामला 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए एक भाषण से संबंधित था, जिसे लेकर बीजेपी के एक नेता ने उन पर बीजेपी के खिलाफ झूठा और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया था। उच्च न्यायालय ने रेवंत रेड्डी द्वारा दायर याचिका स्वीकार कर ली, जिसमें उन्होंने यहां आबकारी मामलों के लिए विशेष न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट (निर्दिष्ट सांसद-विधायक अदालत) के समक्ष लंबित मामले में उनके खिलाफ कार्यवाही रद्द करने का अनुरोध किया था।
तेलंगाना बीजेपी महासचिव के. वेंकटेश्वरलू ने इससे पहले विशेष अदालत में एक शिकायत दायर की थी, जिसमें रेवंत रेड्डी पर चार मई, 2024 को भद्राद्री कोठागुडेम जिले में लोकसभा चुनाव के दौरान एक सभा में ये बयान देने का आरोप लगाया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आयी तो वह संविधान में बदल देगी और आरक्षण समाप्त कर देगी।
बीजेपी नेता ने कहा था कि ये बयान भ्रामक और झूठा है और इससे पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं की मानहानि हुई है। आबकारी मामलों के लिए विशेष न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने अगस्त 2024 में रेवंत रेड्डी को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शिकायत को चुनौती देते हुए और अपने खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। पहले उच्च न्यायालय ने उन्हें निचली अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी थी।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ मानहानि का मामला किया खारिज
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