सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश भर में बुलडोजर एक्शन को लेकर गाइडलाइन्स कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक बुलडोजर एक्शन के समय कार्रवाई की वीडियोग्राफी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपितों और दोषियों के पास संवैधानिक अधिकार हैं जिनका वे इस्तेमाल कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि वे महिलाओं, बच्चों के रात भर सड़कों पर रहने से खुश नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कार्यपालिका जज नहीं बन सकती, आरोपित को दोषी घोषित नहीं कर सकती और न ही उसका घर गिरा सकती है।
गाइडलाइन्स के मुताबिक ‘कारण बताओ’ नोटिस दिए बिना और नोटिस दिए जाने के 15 दिन के अंदर कोई तोड़फोड़ नहीं की जाएगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक जमीन पर अवैध निर्माण हुआ तो वहां उसका निर्देश लागू नहीं होगा।