उत्तराखंड सरकार ने सरकारी दफ्तरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त मानक लागू कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक के साथ हाल ही में हुई मारपीट की घटना के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार ने सभी विभागों के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी अधिकारी से मिलने से पहले अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य होगा। बिना पूर्व अनुमति के दफ्तर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कार्यालयों में डिजिटल विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा, जिसके साथ अलार्म सिस्टम भी स्थापित होगा।
एसओपी के अनुसार, एक बार में दो से अधिक लोग किसी अधिकारी से मिलने नहीं जा सकेंगे। वहीं, निर्वाचित जनप्रतिनिधि अधिकतम तीन लोगों के साथ मुलाकात कर सकेंगे। सरकारी दफ्तर में किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
इसके अलावा, कार्यालय परिसर में ज्वलनशील पदार्थ, हथियार, लाठी-डंडा जैसी वस्तुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निजी एजेंसियों के सुरक्षा गार्डों की तैनाती भी अब सचिव की अनुमति के बाद ही की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखना है।